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टैरिफ के बदले टैरिफ लगाने का भारत के पास ‘कानूनी आधार’ नहीं!..ट्रंप ने डब्ल्यूटीओ को बताकर मोदी को दिया झटका

एजेंसी / नई दिल्ली

अमेरिका ने दुनियाभर में टैरिफ वॉर छेड़ रखा है। पिछले दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई देशों पर टैरिफ का एलान किया था। इसके साथ ही अपनी डेडलाइन को १ अगस्त तक लिए बढ़ा दिया था। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत चल रही है। इस बीची अमेरिका ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) को बताया है कि भारत के पास स्टील, एल्यूमीनियम और ऑटोमोबाइल पर अमेरिकी टैरिफ के बदले में टैरिफ लगाने का कोई ‘कानूनी आधार’ नहीं है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की बातचीत के बीच दोनों देशों में डब्ल्यूटीओ में टैरिफ को लेकर विवाद है। अमेरिका ने अपने टैरिफ का बचाव करते हुए कहा कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं। भारत ने कहा है कि इन उपायों से अमेरिका को ७.६ अरब डॉलर के भारतीय निर्यात प्रभावित होंगे। वहीं अमेरिका का कहना है कि भारत के पास डब्ल्यूटीओ में जवाबी शुल्क लगाने का कोई आधार नहीं है।
अमेरिका का यह बयान भारत के उस रियेक्शन के बाद सामने आया है, जिसमें कहा गया था कि स्टील और एल्युमीनियम पर अमेरिकी सुरक्षा उपायों से अमेरिका को ७.६ अरब डॉलर मूल्य के भारतीय निर्यात पर असर पड़ेगा, जिससे ३.८२ अरब डॉलर का शुल्क संग्रह होगा। इसके अलावा भारत ने कहा है कि इन उपायों से २.८९ अरब डॉलर मूल्य के ऑटोमोबाइल उत्पादों का आयात प्रभावित होगा। गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बातचीत लंबे समय से चल रही है। हालांकि, इसको अब तक फाइनल रूप नहीं दिया गया है।

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