सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई की जमीन पर उद्योगपतियों की नजर है। यदि हम अपनी जमीन को उद्योगपतियों की जेब में जाने से रोकना चाहते हैं तो हमें मशाल को मजबूती देनी होगी। शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख और विधायक आदित्य ठाकरे ने कल अंबोली में एक चुनावी सभा में मुंबईकरों को संबोधित करते हुए ऐसा आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने घर-घर जाकर शिवसैनिकों से मुलाकात की और भाजपा के झूठ और भ्रष्टाचार का पर्दाफाश कर मतदाताओं को जगाने का भी आह्वान किया।
युवासेनाप्रमुख ने कहा कि शिवसैनिकों को अधिक से अधिक घरों में जाकर लोगों को अपने कार्यों से अवगत कराना चाहिए। शिवतीर्थ की सभा में मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे द्वारा दिए गए संदेश और प्रस्तुति को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना आवश्यक है। आदित्य ठाकरे ने आगाह करते हुए कहा कि भाजपा हमें अनावश्यक मुद्दों में उलझा रही है। हिंदू-मुस्लिम विवाद और बांग्लादेश जैसे मुद्दों में उलझाकर वह अडानी और उनके उद्योगपति मित्रों की जेब में हमारी जमीन डाल रही है। २५ वर्षों से हमने जाति, धर्म या संप्रदाय का भेदभाव किए बिना मुंबई की सेवा की है और आगे भी करते रहेंगे। इसके लिए इन दो दिनों में अपना संदेश अधिक से अधिक घरों तक पहुंचाएं।
दूसरा विकल्प नहीं
अगर हम मुंबई और महाराष्ट्र पर आक्रमण कर रही ताकतों को रोकना चाहते हैं, अगर हम मुंबई और महाराष्ट्र की लूट को रोकना चाहते हैं तो मशाल के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। सभी घोटालों, भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी को रोकने के लिए हमें मशाल को वोट देना होगा, शिवसैनिकों को घर-घर जाकर यह बात समझानी होगी। अगर आप अपनी पहचान को भुलाकर उसे अडानीस्तान नहीं बनाना चाहते तो मशाल को वोट दें।
मुंबई में अपना महापौर
शिवसेना, मनसे और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) मुंबई के लिए एकजुट हुई हैं। उन्होंने यह भी आह्वान किया कि मुंबई की पहचान को बरकरार रखने के लिए मुंबई का अपना महापौर होना चाहिए।
