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त्योहार पर महंगाई की मार! …गौरी के फूल के एक जोड़े की कीमत १५० रुपए

३० रुपए में बिके अरबी के एक जोड़े पत्ते

सामना संवाददाता / मुंबई
गणेशोत्सव और गौरी पूजन के त्योहार पर महंगाई की मार पड़ रही है। यही कारण है कि कल गौरी पूजा के लिए गौरी फूल खरीदने के लिए गई महिलाओं को एक जोड़ी फूल के लिए १५० रुपए, अरबी के एक जोड़े पत्ते के लिए ३० रुपए और केले के तीन पत्ते के लिए ५० रुपए का भुगतान करना पड़ा।

बता दें कि कल कल्याण, डोंबिवली शहर के विभिन्न इलाकों में और कल्याण कृषि उपज मंडी समिति के बाहर, गौरी के फूल (शेंदुरली, कल्लावी) खरीदने के लिए ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। खास तौर पर महिलाएं गौरी के प्रसाद के लिए गौरी के फूल और जंगली सब्जियां खरीदने के लिए बड़ी संख्या में बाजार आई थीं।

कल बाजार में गौरी के फूलों का एक जोड़ा १५० रुपए में बिक रहा था। वहीं डोंबिवली में पूर्वी और पश्चिमी रेलवे स्टेशनों के पास बदलापुर, मलंगगढ़ क्षेत्र के गांवों और भिवंडी के पास पिंपल्स क्षेत्र के गांवों से महिलाएं गौरी के प्रसाद के लिए गौरी के फूल, केले के पत्ते, अरबी के पत्ते और जंगली सब्जियां लेकर बाजार में आई थी। गणेशोत्सव के दौरान नागरिक केले के पत्तों पर भोजन करना पसंद करते हैं। बाजार में केले के पत्ते ५० रुपए में तीन के हिसाब से बिक रहे थे। गांव की महिला विक्रेता बताती हैं कि इस साल जंगल में केले के पत्तों की कमी है।

अरबी के पत्तों की अधिक मांग
गौरी के प्रिय फूलों की पूजा प्राण प्रतिष्ठा के लिए गौरी की छवि के साथ की जाती है। इसलिए, ताजे फूल खरीदने के लिए महिलाएं बाजार में अधिक संख्या में देखी गई इसके अलावा, अरबी के पत्तों को गणपति और गौरी के भोजन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। यही वजह है कि बाजार में अरबी के पत्तों की अधिक मांग थी। बड़े अरबी के पत्ते अलग से खरीदे जा रहे थे। अरबी के एक जोड़ा २० से ३० रुपए में बिके। इन त्योहारों के दौरान हम केले के पत्ते, गौरी के फूल और सब्जियों से अतिरिक्त कमाई करते हैं। इसके लिए हमें जंगल जाकर कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। जंगल जाने के बाद वहां जंगली कीड़े भी हमें काट लेते हैं, ऐसा बदलापुर कोंडेश्वर इलाके से आई एक महिला हीराबाई ने बताया।

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