मुख्यपृष्ठनए समाचारअंतर्राष्ट्रीय साइबर गुलामी रैकेट का पर्दाफाश ...विदेश में नौकरी का झांसा देकर...

अंतर्राष्ट्रीय साइबर गुलामी रैकेट का पर्दाफाश …विदेश में नौकरी का झांसा देकर बनाए गए डिजिटल गुलाम!

गिरोह के ८ सदस्यों में २ गिरफ्तार

सुरेश गोलानी / भायंदर
फिशिंग, ऑनलाइन शॉपिंग ठगी, क्रिप्टो स्वैâम, मैट्रिमोनियल प्रâॉड, ओटीपी हैकिंग और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों की फेहरिस्त में एक और डरावना और चौंका देनेवाला काला कारनामा जुड़ गया है, जिसका नाम है साइबर गुलामी। मीरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय की क्राइम ब्रांच यूनिट (जोन १) ने आयुक्त निकेत कौशिक के मार्गदर्शन में एक अंतर्राष्ट्रीय साइबर गुलामी रैकेट का पर्दाफाश करने में कामयाबी हासिल की है। पत्रकारों को इस रैकेट के बारे में जानकारी देते हुए आयुक्त निकेत कौशिक ने बताया कि गैंग के गुर्गे युवकों को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर थाईलैंड के रास्ते म्यानमार ले जाकर वहां बने वैंâपों में भारी सुरक्षा के बीच उनसे जबरदस्ती साइबर अपराध करवाते थे।
मीरा-भायंदर इलाके में रहनेवाले दो युवक-सय्यद इरतीजा हुसैन और अमार लकड़वाला इस टोली का शिकार बने जिन्हें एक बड़ी अंतर्राष्ट्रीय कंपनी में नौकरी दिलाने के बहाने अगस्त २०२५ में पहले थायलैंड और फिर म्यानमार ले जा कर उनको क्रिप्टों करंसी और बिटकोइन प्रâॉड कर लोगों को ठगने के लिए मजबूर कर न सिर्फ साइबर गुलाम बना दिया गया, बल्कि उन्हें शारीरिक और मानसिक यातनाएं भी दी गईं। पीड़ितों की आजादी के लिए उनके घरवालों ने गैंग द्वारा दिए गए पांच बैंक खातों में ७,००० अमेरिकी डॉलर (तकरीबन ६ लाख रुपए) ट्रांसफर किए। मामले की जानकारी मिलते ही क्राइम ब्रांच यूनिट ने जांच शुरू कर दी और दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान ट्रैवल्स एजेंट आसिफ खान उर्फ नेपाली और रोहित कुमार मरडाणा के रूप में हुई है जो क्रमश: मीरा रोड और विशाखापट्टनम (आंधप्रदेश) के रहनेवाले हैं। नेपाली को मीरा रोड के नया नगर इलाके से गिरफ्तार किया गया, जबकि मरडाणा को पुलिस ने सूरत से धर-दबोचा। दोनों सहित कुल आठ लोगों के खिलाफ नया नगर पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

अन्य समाचार