फिरोज खान
अजमेर का ‘परफेक्ट मर्डर’ प्लॉट (राजस्थान) यह कहानी एक १७ साल के नाबालिग लड़के की है, जिसने अपने ही पूरे परिवार को खत्म करने के लिए ५ महीने तक बेहद खौफनाक और शातिर प्लानिंग की थी। उसने क्राइम थ्रिलर शोज और पुलिस प्रोसीजर देखकर एक ऐसा मर्डर प्लान तैयार किया, जिसे पुलिस शुरुआत में सिर्फ एक साधारण ‘कार एक्सीडेंट’ मान बैठी थी।
अजमेर के पास एक हाईवे पर रात के वक्त एक गाड़ी धू-धू कर जलती हुई मिली। जब आग बुझाई गई, तो गाड़ी के अंदर से चार लोगों के जले हुए कंकाल बरामद हुए। मरने वालों में इलाके के पूर्व सरपंच राम सिंह चौधरी, उनकी दूसरी पत्नी, उनकी मां और उनकी एक भतीजी शामिल थीं। शुरुआत में परिवार के लोगों और ग्रामीणों का कहना था कि परिवार रात में किसी मेडिकल इमरजेंसी के कारण अस्पताल जा रहा था और रास्ते में शॉर्ट सर्किट की वजह से गाड़ी में आग लग गई, जिससे कोई बाहर नहीं निकल पाया। मामले को एक्सीडेंट मानकर बंद किया जा रहा था, लेकिन फोरेंसिक टीम और पुलिस जांचकर्ताओं को कुछ अजीब चीजें नजर आईं। गाड़ी की आगे की दोनों सीटें (ड्राइवर और पैसेंजर सीट) पूरी तरह खाली थीं। चारों लाशें गाड़ी की पिछली सीट पर एक के ऊपर एक ठुंसी हुई थीं। अगर यह अचानक हुआ एक्सीडेंट होता, तो ड्राइवर वहीं मिलता। फोरेंसिक जांच में एक पीड़ित की हड्डी पर आग से जलने से पहले किसी धारदार हथियार (चाकू) से वार किए जाने के निशान मिले। पूर्व सरपंच का १७ साल का बेटा, जो इस हादसे में अकेला बच गया था, अपने पूरे परिवार की मौत के बाद भी बेहद शांत और सामान्य था। उसके चेहरे पर कोई दुख या घबराहट नहीं थी। जब पुलिस ने उस नाबालिग लड़के को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने जो सच उगला, उसने पुलिस के होश उड़ा दिए। लड़के ने कबूला कि वह पिछले ५ महीनों से लगातार यूट्यूब और टीवी पर क्राइम शोज देख रहा था। वह यह सीख रहा था कि मर्डर करने के बाद फोरेंसिक सबूतों और फिंगरप्रिंट्स को वैâसे पूरी तरह नष्ट किया जाता है।
उसने हाईवे पर कार में आग नहीं लगाई थी। उसने पहले अपने पूरे परिवार को अपने फार्महाउस के अंदर एक-एक करके मौत के घाट उतारा। कत्ल करने के बाद, उसने चारों लाशों को गाड़ी की पिछली सीट पर लोड किया, गाड़ी को सुनसान हाईवे पर ले गया और पुलिस को गुमराह करने के लिए उसे आग के हवाले कर दिया, ताकि सारे सबूत जलकर राख हो जाएं। पूछताछ में सामने आया कि लड़का अपने पिता के सख्त व्यवहार और दूसरी शादी के पैâसले से नाराज था। साथ ही, वह अपने पिता की करोड़ों की संपत्ति का अकेला मालिक बनना चाहता था। इसी लालच और गुस्से में आकर उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। पुलिस की सतर्कता और फोरेंसिक साइंस की मदद से यह ‘परफेक्ट मर्डर’ का दावा करने वाला केस चंद दिनों में ही सुलझ गया।
