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पड़ताल : १७ करोड़ रुपए की सौंदर्यीकरण परियोजना पानी में! … २०२४ में बांद्रा फोर्ट में लगाए गए रेलिंग में लगा जंग

– एक साल में ही फोर्ट के सारे रेलिंग बने कबाड़
– बड़े पैमाने पर कंक्रीटीकरण और हरित क्षेत्र का भी हुआ नुकसान

द्रुप्ति झा

मुंबई का बांद्रा फोर्ट टूरिस्टों के लिए एक आकर्षित केंद्र बना तो है, लेकिन आज बांद्रा फोर्ट के अंदर किया गया सौंदर्यीकरण महज एक साल में नष्ट होता हुआ नजर आ रहा है। बांद्रा किले का सौंदर्यीकरण नवंबर २०२४ में शुरू हुआ था, जिसमें करीब १७ करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट था, इसमें नए रास्ते, म्यूरल (भित्ति चित्र) और एक एम्फीथिएटर भी (खुला रंगमंच) शामिल था,े साथ ही उस समय कार्य के दौरान हरियाली कम होने और अत्यधिक कंक्रीट के उपयोग करने पर लोगों ने आपत्ति जताई थी । जानकारी के अनुसार, उस समय सौंदर्यीकरण करने के दौरान रेलिंग भी लगाई गई थी जिस रेलिंग पर जंग लगने से पूरी तरह से खराब होने की वजह से ३१ दिसंबर, २०२५ को निकाल दी गई। रेलिंग हटाने को लेकर निवासियों ने चिंता जताई है। रेलिंग हटाए जाने पर सवाल उठाए गए हैं, जबकि मनपा इसे ऐतिहासिक संरचना को मजबूत करने और हरियाली बढ़ाने का काम बता रही है।
सौंदर्यीकरण विवाद की वजह
कंक्रीटीकरण: स्थानीय निवासियों और पूर्व पार्षदों ने हरियाली कम होने और अत्यधिक कंक्रीट के उपयोग पर आपत्ति जताई थी।
रेलिंग हटाना: नवंबर २०२४ में उद्घाटन के बाद दिसंबर २०२५ तक कुछ रेलिंग हटा दी गईं, जिस पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। सीढ़ियों और ढलानों  की कमी के कारण बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए पहुंच पाना मुश्किल होने की शिकायतें भी हैं।
मनपा अधिकारियों के अनुसार, यह काम ऐतिहासिक संरचना को मजबूत करने और रास्तों को ठीक करने के लिए किया गया था। कुल मिलाकर, बांद्रा किले का सौंदर्यीकरण एक मिश्रित प्रतिक्रिया वाला प्रोजेक्ट रहा है।
सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर लोगों में नाराजगी
बांद्रा के स्थानीय निवासियों ने बांद्रा बैंडस्टैंड फोर्ट गार्डन में किए गए सौंदर्यीकरण कार्य पर असंतोष भी व्यक्त किया है, फोर्ट क्षेत्र में हुए बदलावों, विशेष रूप से पेड़ों की कटाई और आस-पास के बगीचे में घास के स्थान पर सीमेंट और कंक्रीट बिछाने को लेकर चिंता जताई। निवासियों का कहना है कि हरियाली की जगह बड़े पैमाने पर कंक्रीट बिछा दिया गया है, जिससे उद्यान की सुंदरता और आकर्षण नष्ट हो गया है। नवीनीकरण के बहाने उद्यान में बड़े पैमाने पर कंक्रीटीकरण किए जाने की शिकायत कर रहे हैं।
बांद्रा के पूर्व पार्षद आसिफ ज़कारिया ने कहा, हरियाली कम हो गई है और अब यह इलाका कंक्रीट की इमारत जैसा दिखता है। करोड़ों के टेंडर सिर्फ दिखावे के लिए पास होते हैं। असल मायने में जमीनी स्तर पर कुछ भी काम नहीं किया जाता है।

बांद्रा फोर्ट की खासियत
बांद्रा फोर्ट में स्थानीय कला और संस्कृति को दर्शाने वाले भित्ति चित्र हैं और एक एम्फीथिएटर बनाया गया है, जो सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए उपयोग होता है। दर्शकों के बैठने और अरब सागर के दृश्यों का आनंद लेने के लिए जगहें बनाई गई हैं, साथ ही बांद्रा-वर्ली सी-लिंक का नजारा भी मिलता है। चित्र ऐतिहासिक चीजों को दर्शाता है यह किला पुर्तगालियों द्वारा १६४० में बनाया गया था और कई फिल्मों की शूटिंग लोकेशन भी रहा है।

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