सूफी खान
इजरायल के सैनिक अब आसान निशाना बन रहे हैं, उनकी तुलना ‘सिटिंग डक्स’ से की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट बताती हैं कि ये तुलना कोई और नहीं कर रहा, बल्कि खुद इजरायल डिफेंस फोर्स के कर्नल कोहेन ने की है। दरअसल, हिज्बुल्लाह को खत्म करने की जिद की वजह से साउथ लेबनान में मौजूद इजरायली सैनिक लगातार हमलों का सामना कर रहे हैं, जबकि वहां इनकी इस तैनाती का कोई स्पष्ट रणनीतिक लाभ दिखाई नहीं देता। इजरायली रिजर्व फोर्स के कर्नल कोहेन का दावा है कि हिज्बुल्लाह की सैन्य क्षमताएं अभी भी बरकरार हैं। उसके मिसाइल और ड्रोन अब भी इजरायल के भीतर गहरे तक वार करने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में सैनिकों की जान जोखिम में डालकर साउथ लेबनान में मौजूद रहना एक महंगा सौदा साबित होगा। एक्सपर्ट कहते हैं कि दरअसल ये पीएम नेतन्याहू की जिद की वजह से हो रहा है। ईरान-अमेरिका डील में शर्त साफ है कि जंगबंदी हर तरफ से होगी ईरान से लेकर लेबनान तक। लेबनान में हिज्बुल्लाह पर इजरायल हमले कर रहा है, जिसका भरपूर जवाब भी उसे मिल रहा है। इजरायल हिज्बुल्लाह को खत्म करने की कसम खाता है, लेकिन सच्चाई तो यह है कि लेबनान की सरकार में भी दखल रखने वाला संगठन हिज्बुल्लाह आज भी दुनिया की सबसे बड़ी गैरसरकारी आर्मी है।
क्या दक्षिणी लेबनान में जारी सैन्य अभियान को लेकर इजरायली सेना के भीतर असंतोष बढ़ रहा है? क्या हिज्बुल्लाह के खिलाफ शुरू हुई लड़ाई अब इजरायल के लिए राजनीतिक और सैन्य बोझ बनती जा रही है? ये कई गंभीर सवाल हैं जिस पर खित्ते का अमन निर्भर करता है।
कर्नल कोहेन का दावा है कि हिज्बुल्लाह की सैन्य क्षमताएं अभी भी बरकरार हैं। उसके मिसाइल और ड्रोन अब भी इजरायल के भीतर गहरे तक वार करने की सलाहियत रखते हैं। ऐसे में सैनिकों की जान जोखिम में डालकर दक्षिणी लेबनान में मौजूद रहना, मुश्किल होता जा रहा है।
दरअसल, उत्तरी इजरायल की सुरक्षा के नाम पर लेबनान में मौजूदगी को जरूरी बताना एक भ्रम है। उन्होंने इजरायली जनता को चेतावनी देते हुए कहा कि लेबनान का अनुभव बताता है कि शायद सबसे कठिन दौर अभी बाकी है। यानी अगर इजरायल जंग पर बजिद रहा तो बड़े फौजी नुकसान झेलने पड़ सकते हैं।
इसे हिज्बुल्लाह प्रमुख नईम कासिम के आक्रामक तेवरों से भी समझा जा सकता है। बेरूत में उन्होंने बयान दिया है कि लगातार हिज्बुल्लाह को खत्म करने की मुहिम चलाए हुए इजरायल उसे खत्म कर ही नहीं पाएगा। हिज्बुल्लाह चीफ ने दावा किया है कि उनका संगठन इजरायल के खिलाफ युद्ध की नई रणनीति बना रहा है। हिज्बुल्लाह ने अपनी ड्रोन यूनिट मजबूत कर ली है।
नईम कासिम ने साफ कह दिया है कि हिज्बुल्लाह सरेंडर नही करेगा।
