फिरोज खान
महज सात साल की बच्ची ने अभी ठीक से दुनिया देखी भी नहीं थी कि उसके साथ ऐसी दरिंदगी हुई कि उसका दिल व दिमाग सन्न हो गया। अपने साथ हुए जुल्म का असर उस पर इस तरह जारी हुआ कि मानो वह सब कुछ भूल सी गई हो। सदमे का असर कुछ यूं हुआ कि वह अपने आपको पहचान नहीं पा रही थी। पुलिस के सामने ये एक बड़ी समस्या थी, क्योंकि हैवान को फांसी के तख्त तक पहुंचाने के लिए बच्ची द्वारा जालिम की पहचान करना जरूरी था। पुलिस बच्ची के दिल व दिमाग की हालत जान रही थी। पुलिस को डर था कि अगर पहचान परेड के दौरान बच्ची शैतान को पहचान नहीं पाई तो आरोपी उसी का फायदा उठाकर छूट सकता है। इसलिए पुलिस ने एक तरकीब आजमाई और खिलौने के जरिए आरोपी को फांसी के फंदे तक पहुंचा दिया। गुजरात के राजकोट जिले के एक गांव में सात साल की बच्ची अकेले खेल रही थी। खेल में वह काफी मगन थी। खिलखिलाकर हंस कर दौड़ रही बच्ची इस बात से बेखबर थी कि उसके साथ भयानक हादसा होने वाला है। थोड़ी ही देर बाद ३५ साल का शख्स वहां पहुंचा। बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ चलने को कहा। लड़की ने अंकल की उंगली पकड़ी और साथ चलने लगी। बच्ची शख्स से पूछती रही कि अंकल कहां ले जा रहे हो। कोई जवाब दिए बगैर शैतान सवार शख्स तेज कदमों से बच्ची को पास की झाड़ियों में ले गया। बच्ची के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और उसके साथ घिनौनी हरकत करके फरार हो गया। घटना की जानकारी गांववालों तक पहुंची। माता-पिता भी मौके पर पंहुचे। बेटी की हालत देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। खून से लथपथ लड़की को अस्पताल ले जाया गया। एक बड़े ऑपरेशन के बाद बच्ची की जान बच गई। इस घटना ने पूरे गुजरात को झकझोर कर रख दिया। पुलिस ने फौरन एक्शन लेते हुए आरोपी को पकड़ लिया। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर अहम सबूत इकट्ठा किए। डीएनए टेस्ट में भी आरोप की संलिप्तता नहीं पाई गई। पुलिस ने रात-दिन मेहनत करके ११ दिन में चार्जशीट तैयार कर दी, लेकिन एक अहम चीज आरोपी की पहचान परेड बाकी थी। बच्ची सदमे में थी, पुलिस डर रही थी कि कहीं बच्ची आरोपी को पहचान नहीं पाई तो मुश्किल हो जाएगी। परेड में पुलिस ने मानवीय और संवेदनशील तरीका अपनाया। परेड के दौरान आरोपी के साथ और भी लोग कतार में खड़े थे। आरोपी को छोड़कर हर किसी के हाथ में खिलौना दे दिए। बच्ची ने हर बार बिना खिलौने वाले शख्स को पहचान लिया। पुलिस की तरकीब कामयाब हुई और यह पल निर्णायक साबित हुआ। कोर्ट ने सारे सबूतों को देखते हुए आरोपी को फांसी की सजा सुनाई।
