-स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाज पर हुए हमले में मारे गए थे नाविक
एजेंसी / नई दिल्ली
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाज पर हुए घातक हमले को लेकर नया अंतर्राष्ट्रीय विवाद खड़ा हो गया है। ईरान ने बड़ा दावा करते हुए इस घटना के लिए सीधे अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि हमले में मारे गए तीन भारतीय नाविकों की मौत के पीछे अमेरिकी कार्रवाई का हाथ था। इस सनसनीखेज आरोप के बाद घटना को लेकर कई नए सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, भारत समेत अंतर्राष्ट्रीय समुदाय पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में गिने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हुई इस घटना ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है, जबकि तीन भारतीय नाविकों की मौत ने देशभर में शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
भारत में ईरान के दूतावास ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास भारतीय जहाजों पर हुए हमलों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। दूतावास ने ट्रंप के दावों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए कहा कि यह अमेरिका की भूमिका से ध्यान भटकाने का प्रयास है। ईरानी दूतावास ने अपने आधिकारिक बयान में आरोप लगाया कि अमेरिका ने एक सप्ताह से भी कम समय में भारतीय नाविकों को ले जा रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया, जिनमें तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। दूतावास ने इस कार्रवाई को क्रूर और अनुचित करार देते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
आरोपों के घेरे में `सुपरपॉवर’
सोशल मीडिया मंच `एक्स’ पर जारी पोस्ट में ईरानी दूतावास ने कहा कि होर्मुज में भारतीय जहाज से जुड़ी घटना के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराना तथ्यों से परे है। दूतावास के अनुसार, वास्तविकता यह है कि हालिया हमलों में भारतीय नागरिकों की जान गई है और इस मुद्दे पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
ईरान ने जताया शोक
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बाकेई ने भी हमलों में मारे गए भारतीय नागरिकों के प्रति शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारतीय वाणिज्यिक जहाजों पर हमले अंतर्राष्ट्रीय कानूनों और समुद्री सुरक्षा के सिद्धांतों के विपरीत हैं।
ट्रंप ने हमले के पीछे बताया था ईरान का हाथ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि होर्मुज स्ट्रेट के पास भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हुए हमलों के पीछे ईरान का हाथ था। उन्होंने इस घटना को `पूरी तरह अस्वीकार्य’ बताया था।
