मुख्यपृष्ठस्तंभसब मसाला है : मुझे मेरी बीवी से बचाओ!

सब मसाला है : मुझे मेरी बीवी से बचाओ!

श्रीकिशोर शाही

पत्नी पीड़ितों का जिक्र अक्सर कॉमेडी में किया जाता है। कई कवियों ने इस विषय पर कविताएं लिखी हैं या लिख रहे हैं। इसे हास्य-व्यंग्य में समेट दिया गया था। किशोर कुमार ने फिल्म आज की ताजा खबर में जब ‘मुझे मेरी बीवी से बचाओ’ गीत गाया तो उसे लोगों ने खूब चटखारे ले-लेकर सुना और गाया। मजे की बात है कि इस गीत का संगीत शंकर जयकिशन और लिखा था हसरत जयपुरी ने। किशोर कुमार तो खैर उल्टे-पुल्टे गाने में महारथ रखते थे, पर ये दोनों महाशय तो कर्णप्रिय रोमांटिक गीतों के महारथी माने जाते थे। इसलिए सहसा यकीन नहीं हुआ कि ये गीत-संगीत उनका है। बाद में २००१ में नसीर और रेखा की फिल्म ‘मुझे मेरी बीवी से बचाओ’ आई थी, फिर इसी नाम से भोजपुरी में भी एक फिल्म बनी थी। लुगाई पीड़ित हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा को कौन नहीं जानता, जो अपनी चार लाइनों के लिए मशहूर हैं।
मगर अब हंसी-मजाक बीते कल की बात हो चुकी है। अब तो वाकई लोग गंभीर होकर सोचने लगे हैं कि ये बीवियां कितनी खतरनाक हो सकती हैं। इतनी खतरनाक कि अपने पतियों को ही खत्म किए दे रही हैं। ‘जनम-जनम का साथ है हमारा-तुम्हारा…’, सौ साल पहले मुझे तुमसे प्यार था…, जैसे गाने तो आउट ऑफ डेटेड हो गए लगते हैं। मेरठ के नीले ड्रम से जो किस्सा शुरू हुआ, उसमें हरियाणा और असम का कांड भी जुड़ गया। तीनों ही केसों में पत्नियों ने बड़ी बेरहमी से अपने पतियों की हत्या की साजिश रची और उनका मर्डर करवा दिया। और भीr कुछ छोटी-मोटी खबरें आर्ईं। मगर ऐसा नहीं है कि सिर्फ ये चंद ऐसी घटनाएं ही हैं। हाल ही में एक डेटा से चौंकानेवाला खुलासा हुआ है। पिछले ५ वर्षों में यूपी, बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में करीब ७८५ पतियों की हत्या उनकी पत्नियों ने की या करवा डाली। इसमें २७५ के आंकड़े के साथ यूपी पहले और १८६ के साथ बिहार दूसरे नंबर पर है। इसके बाद राजस्थान १३८, महाराष्ट्र १०० और एमपी ८७ का नंबर आता है। ये तो हुए बड़े आंकड़े, पर जब हाल ऐसा ही है तो बाकी राज्यों में छिटपुट घटनाएं नहीं होती होंगी इसकी कोई गारंटी नहीं है। जाहिर सी बात है कि नई पीढ़ी ऐसी खबरें पढ़ने के बाद शादी वगैरह का खयाल मन में आने के बाद क्या सोचती होगी कहा नहीं जा सकता। कुल मिलाकर गंभीर है। इनमें प्राय: सभी मामले लव अफेयर के ही हैं। ऐसे में शादी से पहले कुंडली मिलाने से ज्यादा जरूरी है कि कन्या से पूछा जाए कि हे ‘…’ अगर कोई ऐसी बात है तो पहले बता दें। हम कोई और दरवाजा देख लेगें।

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