मध्य प्रदेश के रीवा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर अच्छे-अच्छे डॉक्टर भी हैरान रह जाते हैं। रीवा शहर की चाणक्यपुरी कॉलोनी में रहने वाले ७५ वर्षीय मोहनलाल द्विवेदी का दावा है कि उन्होंने पिछले करीब ५० सालों से एक पल के लिए भी नींद नहीं ली। हैरानी की बात ये है कि इतने लंबे समय तक न सोने के बावजूद उन्हें कोई गंभीर बीमारी नहीं है और उनकी दिनचर्या बिल्कुल सामान्य लोगों जैसी है।
मेडिकल साइंस के मुताबिक, एक स्वस्थ इंसान को रोजाना ६ से ८ घंटे की नींद जरूरी होती है। नींद की कमी से शरीर और दिमाग पर गंभीर असर पड़ता है। लेकिन मोहनलाल द्विवेदी इस सिद्धांत को पूरी तरह चुनौती देते नजर आते हैं। उनका कहना है कि न सिर्फ उन्हें नींद नहीं आती, बल्कि चोट लगने पर भी उन्हें दर्द का एहसास नहीं होता। शुरुआत में मोहनलाल ने अपनी इस समस्या को किसी से साझा नहीं किया। पूरी रात जागते रहते थे, लेकिन न आंखों में जलन होती थी और न ही कामकाज पर असर। जब परिवार को बताया गया तो पहले झाड़-फूंक करवाई गई। इसके बाद दिल्ली और मुंबई के बड़े अस्पतालों में डॉक्टरों को दिखाया गया। कई तरह की जांचें हुर्इं, लेकिन बीमारी का कारण आज तक सामने नहीं आ सका।
विज्ञान हैरान, डॉक्टर परेशान
रीवा संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर राहुल मिश्रा का कहना है कि यह मामला मेडिकल साइंस के लिए बेहद चौंकाने वाला है। उनके मुताबिक, बिना सोए रहना लगभग असंभव है। हालांकि स्लीप थैरेपी और साइकोलॉजी में लगातार नए शोध हो रहे हैं। उन्होंने सलाह दी कि मोहनलाल को एक बार फिर साइकोलॉजी विभाग से संपर्क करना चाहिए।
