सामना संवाददाता / नई दिल्ली
ईरान में पिछले दो हफ्ते से सरकार के खिलाफ प्रदर्शन जारी है। इस दौरान सैकड़ों लोगों की मौत होने का भी दावा किया जा रहा है। ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई और उनकी सरकार इस जन आंदोलनों पर काबू पाने में असफल रही है। बिगड़ते हालात के बीच अब देश की सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का पैâसला लिया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि प्रदर्शन में शामिल होने की सजा मौत है।
ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने चेतावनी देते हुए कहा है कि प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों को ‘मोहरेब’ यानी खुदा का दुश्मन माना जाएगा और इसके लिए उन्हें मौत की सजा दी जाएगी। बता दें कि यह ईरान का एक क्रूर कानून है इसके अनुच्छेद १९० के तहत इस आरोप में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को फांसी की सजा या फिर हाथ-पैर काटने जैसी खतरनाक सजा दी जाती है। इसमें सजा के तौर पर स्थायी निर्वासन भी दिया जाता है। सिर्फ प्रदर्शनकारियों पर ही नहीं बल्कि उनकी सहायता करने वालों पर भी यह सजा लागू हो सकती है। ईरान के हालात दिन पर दिन बिगड़ते जा रहे हैं। देश की जनता ने खामेनेई सरकार को सत्ता से हटाने का पैâसला ले लिया है लेकिन सरकार जनता के सामने झुकने को तैयार नहीं हो रही है।
