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अन्याय करनेवालों के पिछवाड़े पर मारो लात! … उद्धव ठाकरे का भाजपा पर जोरदार हमला

सामना संवाददाता / मुंबई
महायुति सरकार के राज में जनता जनार्दन परेशान है, जबकि सत्ताधारी दलों के मंत्री जमकर भ्रष्टाचार करने में मग्न हैं। सहयोगी दलों के मंत्रियों द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार के आगे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी हताश हो गए हैं। इसे जनता को ही रोकना होगा, जहां-जहां अन्याय होता दिखाई दे वहां अन्याय करने वालों के पिछवाड़े पर हमें लात मारनी होगी। यह मेरे दादा ने सिखाया है। उनके इस घोष वाक्य का मेरे पिता ने हमेशा पालन किया और वही परंपरा मैं लेकर चल रहा हूं। ऐसा जोरदार हमला भाजपा और राज्य की महायुति सरकार पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने किया।
उद्धव ठाकरे कल पुणे दौरे पर आए थे। इस दौरान श्रमिक पत्रकार संघ की ओर से आयोजित वार्तालाप कार्यक्रम में उन्होंने राज्य के किसानों के संकट, दशहरा सम्मेलन, केंद्र सरकार, आगामी चुनाव, हिंदुत्व सहित विविध मुद्दों पर अपने स्पष्ट मत व्यक्त किये। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर सरकार को घेरा तो कहीं जमकर चुटकी ली। पत्रकार संघ के अध्यक्ष बृजमोहन पाटील, महासचिव मंगेश फल्ले उपस्थित थे।

खुला भ्रष्टाचार, मुख्यमंत्री हताश
मुख्यमंत्री की आलोचना पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि राज्य की संस्कृति बिगड़ गई है। मैं फडणवीस को विरोधी के रूप में नहीं देखता, क्योंकि मैं किसी को शत्रु नहीं मानता, नरेंद्र मोदी को भी नहीं। लेकिन राज्य में शुरू भ्रष्टाचार के आगे आज सीएम फडणवीस हताश हैं। केंद्र सरकार का समर्थन होने के बावजूद, इतनी सत्ता होने के बावजूद वे क्यों कुछ नहीं कर पा रहे?

 

जब स्तुति कर रहे थे, तब देशभक्त थे,
अब वांगचुक देहद्रोही
कैसे हो गए?-उद्धव ठाकरे का सरकार से सवाल

पुणे दौरे में कल मीडिया से बातचीत करते हुए शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्र व राज्य की सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जब सोनम वांगचुक उनके साथ थे, तब उनकी तारीफ की जा रही थी, तब वे देशभक्त थे, अब विरोध करने पर वे देशद्रोही वैâसे हो गए? उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि लद्दाख में वांगचुक की गलती मानी जा सकती है तो मणिपुर में किसकी गलती है? वहां की स्थिति क्या है? असम में आदिवासी सड़कों पर उतर कर आंदोलन कर रहे थे। फिर भी उस पर कोई खबर क्यों नहीं आई?
गद्दार और नमकहरामों को जवाब नहीं देता
रामदास कदम के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं गद्दार और नमकहरामों को जवाब नहीं देता। मुझे उस गद्दार को जवाब देने की जरूरत नहीं है। ठाकरे परिवार का मतलब क्या है, यह महाराष्ट्र और देश जानता है।
राज ठाकरे के साथ आने से विरोधी परेशान
मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के साथ संभावित गठबंधन पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि हम २००५ में अलग हुए थे, लेकिन अब एक मुद्दे पर हम एक साथ हैं। रोज यह बताने की जरूरत नहीं कि हम एक साथ हैं। हमारे एक होने से विरोधियों को डर लग रहा है। मराठी जनता जब एक होती है, तो विरोधियों को उसकी ताकत का अंदाजा नहीं होता।
७५ साल के मोदी अब रुकेंगे क्या?
एक पत्रकार ने पूछा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अब ७५ वर्ष पूरे किए, क्या अब वे रुकेंगे? इस पर उद्धव ठाकरे ने हंसते हुए कहा कि आपकी क्या इच्छा है? सभागृह में हंसी का माहौल बन गया। फिर पत्रकार ने दोबारा पूछा तो उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैंने बीच-बीच में ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के कुछ एपिसोड देखे। उसमें एक ‘पब्लिक पोल’ का ऑप्शन होता है। इसलिए मैं भी कहता हूं कि ‘मैं पब्लिक के साथ जाना चाहता हूं!’ सभागृह में फिर एक बार जोरदार हंसी पैâल गई।

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