मुख्यपृष्ठनमस्ते सामनासंपादक के नाम पत्र : उल्हासनगर की बिगड़ी बिजली व्यवस्था

संपादक के नाम पत्र : उल्हासनगर की बिगड़ी बिजली व्यवस्था

उल्हासनगर शहर की बिजली व्यवस्था कितनी घटिया है, इसका अंदाजा बिजली के पोल पर लटके केबल तथा बिजली के तारों के मकड़जाल से लगाया जा सकता हैं। एक तरफ ईडी सरकार विकास का नारा देते हुए सपना दिखा रही है, वहीं पर मौत का खेल किस प्रकार से खेला जाता है? बिजली विभाग के कर्मचारी वर्ग से पूछिए। बिजली की खराबी आने पर किस प्रकार से पोल पर चढ़कर बिजली की खराबी दूर की जाती होगी? इसका तो अनुभव बिजली विभाग का कर्मचारी ही बयान कर सकता है। इस मौत के खेल में कई बार बिजली विभाग का कर्मचारी ही फंस जाता होगा। उल्हासनगर में ही बिजली विभाग की ऐसी दशा होगी? आज जगह-जगह पर भूमिगत वायरिंग हो रही हैं, वहीं पर उल्हासनगर की बिजली विभाग ऐसी दशा उल्हासनगर के चुने गए लोकप्रतिनिधि वर्ग के लिए एक प्रकार का कलंक जैसा है, विकास, विकास नहीं बल्कि ढोंग है। उल्हासनगर के विकास की आड़ में चुने गए लोग अपना विकास करने में लगे हैं।
-प्रमोद अग्रवाल, उल्हासनगर

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