डॉ. बालकृष्ण मिश्र
गुरु जी, करियर में आ रही अड़चनों के लिए क्या उपाय करूं?
– शिवम मौर्या
(जन्म- २३ अगस्त २००१, समय- सायं ५ बजे, स्थान- भायंदर)
शिवम जी, आपका जन्म गुरुवार के दिन स्वाति नक्षत्र के तृतीय चरण में हुआ है और आपकी राशि तुला बन रही है। यदि हम आपके करियर को देखें तो मकर लग्न में आपका जन्म हुआ है और मकर लग्न का स्वामी शनि आपकी कुंडली में पंचम भाव पर बैठ करके केंद्र त्रिकोण राजयोग बनाया है। आप बुद्धिमान हैं, लेकिन आपकी कुंडली में १२वें भाव का स्वामी बृहस्पति छठे भाव पर उच्च राशि के राहु के साथ में बैठा हुआ है। अत: आपकी कुंडली में चांडाल योग भी बना हुआ है और आपकी कुंडली मांगलिक नहीं है, लेकिन अष्टम भाव पर सूर्य और बुध बैठ करके आपकी मन की एकाग्रता को कमजोर बना रहा है। इस समय बृहस्पति की महादशा में केतु का अंतर चल रहा है, जो २५ नवंबर, २०२६ तक चलेगा। यह समय आपके लिए अनुकूल नहीं है इसलिए पहले आपको नौकरी करना चाहिए फिर व्यापार से जुड़ना चाहिए। इसके लिए आपको प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ एवं मछलियों को आटे की गोलियां बनाकर खिलाना चाहिए।
गुरु जी, क्या मुझे गवर्नमेंट नौकरी मिलेगी?
– मोनिका गुप्ता
(जन्म- २६ मार्च २००७, समय- १२.२५ बजे, स्थान- घाटकोपर, मुंबई)
मोनिका जी, आपका जन्म सोमवार के दिन आर्द्रा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में हुआ है और आपकी राशि मिथुन बन रही है। यदि लग्न के आधार पर हम आपकी कुंडली को देखें तो मिथुन लग्न में आपका जन्म भी हुआ है। मंगल आपकी कुंडली में छठे भाव का स्वामी हो करके आठवें भाव में उच्च राशि का हो करके बैठा है। यदि गवर्नमेंट सर्विस की हम बात करें तो आपकी कुंडली में गवर्नमेंट सर्विस का योग दिखाई दे रहा है, लेकिन सूर्य ११ अंश का है और सूर्य के घर में पराक्रम भाव पर केतु और भाग्य भाव पर बुध के साथ राहु बैठा हुआ है, जिस कारण आपकी कुंडली में भाग्य ग्रहण दोष बना हुआ है। इसके कारण आपको असफलता मिलने के संकेत हैं, लेकिन ग्रहों का निवारण करने के बाद गवर्नमेंट सर्विस प्राप्त करने के आसार बढ़ जाएंगे। अष्टम भाव पर मंगल बैठने से आपकी कुंडली मांगलिक भी है।
गुरुजी, बेटी का स्वास्थ्य कैसी होगा?
– मानसी विश्वकर्मा
(जन्म- ३ अक्टूबर २०१८, समय- दिन में १:१५ बजे, स्थान- मुलुंड, मुंबई)
मानसी जी, आपकी बेटी का जन्म बुधवार के दिन पुनर्वसु नक्षत्र के तृतीय चरण में हुआ है और राशि मिथुन बन रही है। धनु लग्न में जन्म हुआ है और १२वें भाव का स्वामी मंगल उच्च राशि का हो करके उसकी कुंडली में द्वितीय भाव पर बैठा है। द्वितीय भाव का स्वामी शनि मार्वेâश हो करके उसकी कुंडली में लग्न में बैठा है। इसी कारण उसका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहा होगा, लेकिन वर्तमान समय में अगर हम देखें तो बृहस्पति की महादशा समाप्त हो रही है और शनि की महादशा प्रारंभ हो रही है। शनि आपकी कुंडली में मार्वेâश है और दूसरे भाव का स्वामी हो करके लग्न में बैठा है। कुंडली में कुलिक नामक कालसर्प योग भी बना हुआ है। उसकी पूजा करवाएं।
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