– २५० करोड़ रूपए पानी में
-जनता के पैसों की बर्बादी
द्रुप्ति झा / मुंबई
महायुति सरकार में टेंडर के नाम पर लूट मची हुई है। लोगों को दिखाने के लिए सड़कों पर करोड़ों का खर्च लेकिन जमीनी स्तर पर घटिया दर्जे का काम नजर आ रहा है। २५० करोड़ रुपए की लागत वाला पलावा फ्लाईओवर उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद खतरनाक साबित हो गया। उद्घाटन के बाद महज एक हफ्ते के अंदर ही पलावा फ्लाईओवर दरारों और गड्ढों से भर गया। यात्रियों द्वारा इसका लगातार विरोध किया जा रहा है। लोग निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाने लगे हैं। करोड़ों रुपए के इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य भीड़भाड़ वाले शिलफाटा-कल्याण कॉरिडोर पर यातायात को सुगम बनाना था। हालांकि, स्किडिंग की घटनाओं और खराब सड़क की स्थिति ने इसकी प्रतिष्ठा को पहले ही धूमिल कर दिया है।
फ्लाईओवर निर्माण सुरक्षा पर उठे सवाल
इसके उद्घाटन के दिन ही, दो बाइक सवार कथित तौर पर फ्लाईओवर की सतह पर फिसल गए और उन्हें मामूली चोटें आर्इं। तब से, कई यात्रियों ने चिंता व्यक्त की है और इसे ‘स्किडिंग जोन’ करार दिया है क्योंकि यहां ढीली बजरी, कीचड़ भरे पैच, सीमेंट के अवशेष और असमान रूप से बिछाई गई चारकोल सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है। ५६२ मीटर लंबे इस फ्लाईओवर को ४५ खंभों पर टिकाया गया है, लेकिन इसके ४५० मीटर हिस्से में घटिया निर्माण के निशान दिखाई दे रहे हैं। हाल ही में आम जनता के विरोध करने के बाद महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) के ठेकेदारों को मौके पर जांच के लिए भेजा गया था उसके बावजूद भी समस्या वही बनी हुई है।
यात्रियों में दिखा आक्रोश
फ्लाईओवर की बिगड़ती हालत को देखते हुए नाम न बताने की शर्त पर एक यात्री ने सीधे सरकार पर भ्रष्टाचार और लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि सरकार सिर्फ आम जनता को वैâसे लूटाए इसी प्रयास में लगी रहती है। हमारे टैक्स से हमें ही कोई ढंग की सुविधा नहीं मिलती है। पीयूष शाह ने कहा सरकार को तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करना चाहिए ताकि लोगों की जान खतरे में न पड़े।
जनता त्रस्त है, सरकार मस्त
जनता के हित में जब सामना संवदाता ने इस गंभीर विषय पर शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी से बात की तो उन्होंने इस विषय पर चिंता जताते हुए कि, ये सराकर पुरे तरीके से भ्रष्ट सरकार है जो सरकार वोट चोरी करके बनाई हो वो आम जनता के बारे में क्या ही भला सोच सकती है। सरकार कांट्रेक्टर के जरिये अपनी जेबें भरने में लगी हुई है। किसी भी प्रोजेक्ट का सबेरे उद्धघाटन होता है और शाम तक उसका घटिया काम उजागर हो जाता है। वो चाहे अटलसेतु ब्रिज की बात हो या फिर पलावा फ्लाईओवर की, सभी का यही दुर्दशा हो रही है।
