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आजमगढ़ में मदरसा घोटाला : ब्रिटेन में रह रहा टीचर … आजमगढ़ में लेता रहा इंक्रीमेंट! …एटीएस के टारगेट पर मौलाना शमशुल

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में एक ऐसा घोटाला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक प्रणाली की कमजोरियों और भ्रष्टाचार की गहराई को उजागर कर दिया है। यहां एक मदरसा शिक्षक शमशुल पिछले ११ साल से लंदन में रह रहा था, लेकिन कागजों में उसकी नियमित उपस्थिति, सैलरी और हर साल का इंक्रीमेंट जारी था। इतना ही नहीं, उसने लंदन से ही वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) के लिए आवेदन किया और आजमगढ़ प्रशासन ने इसे मंजूर करते हुए पेंशन भी स्वीकृत कर दी।
बता दें कि ब्रिटेन में रह रहे मदरसा शिक्षक शमशुल हुसैन की वेतन वृद्धि मामले में ३ डीएमओ फंस गए, जिसमें बरेली डीएमओ लालमन, अमेठी डीएमओ प्रभात कुमार, गाजियाबाद डीएमओ साहित्य निकत सिंह जांच के दायरे में आ गए हैं। तीनों अधिकारी अलग-अलग समय पर आजमगढ़ में तैनात थे। एटीएस की जांच में मामला खुलने पर अब इन तीनों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। नियम विरुद्ध वेतन, चिकित्सा, अन्य भुगतान देने पर इनके खिलाफ अब सख्त कार्रवाई होगी। बताया जा रहा है कि ब्रिटेन में रह रहे आजमगढ़ के मदरसा शिक्षक यूपी से वेतन और अन्य भुगतान ले रहा है। अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय ने शासन को इस संबंध में रिपार्ट भेजी। १२ जुलाई १९८४ को मुबारकपुर में इसकी तैनाती हुई थी।२००७ से शमशुल हुसैन ब्रिटेन में रह रहा है। २०१३ में इसने ब्रिटिश नागरिकता हासिल की थी। २००७-१७ के बीच बिना जांच के इसकी वेतन वृद्धि होती रही। २०१७ को सेवानिवृत्ति प्रदान करके इसकी पेंशन भी स्वीकृत कर दी गई।
पाकिस्तान से था कनेक्शन
एटीएस की गहन जांच में खुलासा हुआ कि शमशुल हुदा खान मदरसा में नौकरी के दौरान बार-बार विदेश यात्राएं करता रहा। वह पाकिस्तान के कई इलाकों में जाकर वहां के मौलवियों और लोगों से संपर्क बनाता था। भारत लौटकर वह अपने करीबियों के जरिए जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेताओं और संदिग्ध व्यक्तियों से जुड़ा रहा।
सिस्टम की कार्यशैली पर उठे सवाल
अब ये पूरा झोल सामने आ गया है। इस संबंध में अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय ने कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी है। अब शिक्षक और तीनों डीएमओ के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। लेकिन सवाल ये है कि इतने लंबे समय तक सिस्टम को चकमा देकर और बिना जांच के दायरे में आए आखिर ये फर्जीवाड़ा चल वैâसे रहा था। ये घटना सिस्टम की चौकसी पर सवाल है। उसकी कार्यशैली पर सवाल है।

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