-पुणे का केमेस्ट्री टीचर निकला मास्टरमाइंड
-सत्ता के संरक्षण की आशंका से मचा हड़कंप
-कोचिंग संचालकों से घंटों पूछताछ
आरोप है कि इसी नेटवर्क के जरिए गेस पेपर टेलीग्राम ग्रुपों के माध्यम से हरियाणा और राजस्थान तक पहुंचाया गया। मामले की जांच में यह भी सामने आया है कि लातूर के कई कोचिंग संस्थानों तक यह कथित गेस पेपर पहुंचा था। सीबीआई ने लातूर के कई शिक्षकों और कोचिंग संचालकों से घंटों पूछताछ की है। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक डेटा, बैंक डिटेल और अन्य अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे घोटाले के पीछे कोई बड़ा और प्रभावशाली चेहरा तो नहीं है, जो आरोपियों को संरक्षण दे रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए नीट परीक्षा रद्द कर दी गई है। अब यह परीक्षा २१ जून को दोबारा आयोजित की जाएगी।
जेदवी / मुंबई
देशभर में सनसनी मचानेवाले नीट पेपर लीक मामले में अब महाराष्ट्र कनेक्शन और गहराता जा रहा है। सीबीआई और अन्य जांच एजेंसियों की पड़ताल में पुणे, नासिक, अहिल्यानगर, लातूर और बीड तक पैâले एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। इस पूरे रैकेट का कथित मास्टरमाइंड पुणे का केमेस्ट्री शिक्षक पीवी कुलकर्णी बताया जा रहा है, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
सबसे गंभीर बात यह है कि महायुति सरकार के दौर में शिक्षा व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में आती जा रही है। करोड़ों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करनेवाले इस घोटाले में प्रभावशाली लोगों के संरक्षण की भी आशंका जताई जा रही है।
जांच एजेंसियां अब इस बात की तह तक पहुंचने में जुटी हैं कि आखिर किन लोगों की छत्रछाया में यह नेटवर्क फल-फूल रहा था। जांच में सामने आया है कि पीवी कुलकर्णी कई वर्षों से नीट परीक्षा के पेपर सेटिंग से जुड़े राष्ट्रीय पैनल का हिस्सा था। पुणे में उसकी अच्छी पकड़ मानी जाती थी और मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करनेवाले छात्र उसके क्लास में दाखिले के लिए भारी फीस भरते थे। वह चार अलग-अलग कोचिंग संस्थानों से जुड़ा था, जहां करीब २०० छात्र पढ़ते थे। इनमें से एक क्लास वह अपने घर से संचालित करता था। सूत्रों के मुताबिक, अप्रैल २०२६ के अंतिम सप्ताह में कुलकर्णी ने पुणे स्थित अपने घर पर एक स्पेशल क्लास आयोजित की थी। आरोप है कि इस क्लास में छात्रों को ऐसे सवाल-जवाब लिखवाए गए, जो बाद में ३ मई को हुई नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए। बताया जा रहा है कि इस कथित गेस पेपर क्लास के लिए लाखों रुपए वसूले गए थे।
