शिवराया के लिए सरकारी खजाने में भी नहीं है पैसा!
सामना संवाददाता / मुंबई
हिंदवी स्वराज्य की राजधानी रायगड किले का ४१,६१९ रुपए का बिजली बिल भरने के लिए सरकार के खजाने में पैसे नहीं हैं। इससे महायुति सरकार का छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रति एक अलग अटूट प्रेम उजागर हो गया है। सरकार की इस भूमिका को लेकर शिव प्रेमियों में आक्रोश व्याप्त है
गौरतलब हो कि विभिन्न योजनाओं सहित अन्य तरह के फिजूल खर्च महायुति सरकार में किए जा रहे है, लेकिन छत्रपति शिवाजी महाराज के रायगड के किले का बिजली बिल चुकाने के लिए राज्य सरकार के खजाने में पैसे नहीं हैं। बता दें कि महाराष्ट्र की शान रायगड किले को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। महाराष्ट्र के कोने-कोने से हजारों भक्त शिवराज्याभिषेक दिवस और छत्रपति की पुण्यतिथि के अवसर पर अपने प्रिय राजा के दर्शन के लिए आते हैं। महायुति सरकार के शासन के दौरान रायगड किले का बिजली बिल बकाया है। इस बात को लेकर आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है। गौरतलब हो कि रायगड किला विश्व धरोहर सूची में शामिल है और सालभर लाखों शिवभक्त और पर्यटक रायगड आते हैं। यहां न तो पर्याप्त बिजली आपूर्ति है और न ही रहने की सुविधा। इससे शिवभक्तों में भारी रोष व्याप्त है।
