डॉ. ममता शशि झा, मुंबई
चुनावक हलचल थमि गेल छल। पाई ले के भोट देब बला बहरिया लोकसब अपन-अपन काज-धंधा पर जायके लेल तैयार भे रहल छलाह। पहिने ते पार्टी बलाक तरफ सँ लेन-देन करबला लोकसब गामे धरिमे रहि के काज करई छला, मुदा आब मिडियाक बिस्तारक जमानामे शहरक लोकसब सेहो अहि व्यापारमे जुटि गेल छलाह आ जाहि ले के गाममे चुनावक समयमे पाई ले क आ पाई बाँटि के भोट दियाब बला छोटका नेता सबके एकछत्र राजमे बाधा बुझना जाय छलनि। अपन रेट खस के डर दुआरे अपना कोंपटिटर सब सँ हाथ मिलाक काज करमे विश्वास कर बला लोकसबहक सोच छलनि जे जहन केंद्रमे मिलि-जुलि सरकार चलि रहल छई ते हमसब कियेक ने मिल-जुलि के पाई खाई!! जकरा सब सँ बेसी धोका बुझना जाय छलनि ओकरा सँ ओतेक बेसी मिठ्ठ बोली बाजि के अपना दिस मिलाक राखि लई छलखिन, एकदम अपन पार्टीके नेता जकाँ, आखिर किछु त प्रभाव हुनकर पड़तनि चुनाव दर चुनाव संगे काज केला के कारण!! जेना नेता जनताके माथ पर रखई छथिन चुनावके दौरान ई सोचि के जे थोड़बे दिनक बात अछि फेर त हमरे राज रहत, तहिना बाहर सँ चुनाव प्रचार कर लेलआब बला के लेल लोकल नेता सबहक सोच रहई छनि। बहरबैया सबके सेहो सेह सोच जे कुन हमरा सब दिन रहबाक अछि, अहि चुनाव के दौरमे जेह हाथ सेह साथ!! बाहर सँ आब बला लोकसब चुनावक परिणाम सँ पहिनहि शहर लौट आब चाहई छथि कियेक त चुनाव परिणाम सँ पहिने लौट के किराया सेहो भेट जेतनि आ चुनाव परिणाम ऐला के बाद जीत बला ओहुना नहिं चिह्नतनि आ हार बला पार्टी पाई लेला के बादो भोट नहिं देब लेल पिटतनि!!
कतेक भोटर ओहुमे ईमानदारी देखाबई छथिन जतेक पार्टी बला सँ पाई लेने रहई छथिन सबके भोट द दई छथिन!! सबस पाई लेब के पाछु हुनकर सबहक सोच रहई छनि जे जहन हुनकर नेता चारु दिसा सँ पाई ले के ककरो काज नहिं करई छथिन त आम जनतो हुनके पदचिह्न पर कियेक ने चला!
आ पाई नहिं ले के दुश्मनी के मोल लिया, चुनावेटा ते एहन समय रहई छई जे पाई नहिं लेला सँ अहा अनेरो दुश्मन बनि जाय छियई, जे आन समयमे पाई लेला सँ दुश्मनी होई छई! आ नेता सबहक कोनो अपना जेबी स किछु जाई छई, अहि खर्चामे बहुत ब् यापारी सब अपन काला धनके दानक रुप दिया दई छथिन फेर सँ काला धन कमाब लेल!
चलु हमरो गाड़ीके समय भे गेल, हमहुँ चुनावमे नेताजीके कृपा से आयल छलहुँ, पेट आ जेबि दुनु भरल छल ताहि ले के एतेक फुराई छल!!!
