सामना संवाददाता /मुंबई
महायुति सरकार अब सिर्फ जमीन ही नहीं, बल्कि जंगलों को भी अपने चहेते ठेकेदारों और उद्योगपतियों के हवाले कर रही है। ऐसे गंभीर आरोप शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख और विधायक आदित्य ठाकरे ने महायुति सरकार पर लगाए। उन्होंने कहा कि गढ़चिरौली में ताडोबा-अंधारी और इंद्रावती टाइगर रिजर्व को जोड़ने वाले संरक्षित टाइगर कॉरिडोर क्षेत्र में लॉयड कंपनी को खनन परियोजना की अनुमति दी गई है। आदित्य ठाकरे ने इस पैâसले पर कड़ा विरोध जताते हुए परियोजना को तत्काल रद्द करने और इसे मंजूरी देने वाले प्रधान मुख्य वन संरक्षक को पद से बर्खास्त करने की मांग की है। मुंबई स्थित शिवसेना भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में आदित्य ठाकरे ने कहा कि राज्य के सामने नीट और सीबीएसई परीक्षा घोटाले, रुपए की गिरती कीमत, बढ़ती महंगाई और पर्यावरण से जुड़ी गंभीर चुनौतियां मौजूद हैं, लेकिन सरकार जनता के मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय अपने पसंदीदा उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के लगातार हो रहे नुकसान के कारण मुंबई समेत पूरे राज्य में भीषण गर्मी और ताप लहर की स्थिति पैदा हो रही है। इसके बावजूद गढ़चिरौली जिले के हेदरी और आसपास के क्षेत्रों में ताडोबा के जंगलों में खनन गतिविधियों को मंजूरी दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी तरह से पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में अरावली और अंडमान में भी परियोजनाएं लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
