खुशबू सिंह
मुंबई की लाइफलाइन कही जानेवाली लोकल ट्रेन में एक बार फिर हंगामा मच गया। विरार लोकल में कुछ दिन पहले एक महिला के साथ खून-खराबे तक पहुंची मारपीट की घटना अभी लोगों के जेहन में ताजा ही थी कि मंगलवार सुबह डोंबिवली-सीएसएमटी लोकल ट्रेन में महिलाओं के बीच फिर से तीखी झड़प हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक सनसनीखेज वीडियो में महिलाएं एक-दूसरे पर हाथ उठाती नजर आ रही हैं, जिसने यात्रियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।
ये हंगामा तब भड़का जब आसनगांव से आनेवाली फास्ट लोकल ट्रेन डोंबिवली स्टेशन पर रुकी। महिला डिब्बे में पैर रखने की भी जगह नहीं थी और यही भीड़-भाड़ झगड़े की जड़ बनी। चढ़ने-उतरने की जद्दोजहद में बात हाथापाई तक पहुंच गई। ऐसे में मुंबई की सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक बस यही चर्चा है कि आखिर कब तक ये तमाशा चलता रहेगा? रेलवे यात्री संगठनोें की महिला प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने रेलवे से महिला डिब्बों की संख्या बढ़ाने और यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाओं की मांग की है।
सुरक्षित और सुकून भरा सफर कब?
खास बात ये है कि राज्य विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है और यात्री संगठनों ने महिला विधायकों से गुहार लगाई है कि वे ट्रेनों में महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा का मुद्दा जोर-शोर से उठाएं। आखिर में सवाल यही है कि क्या मुंबई की लोकल ट्रेनों में महिलाओं को अब सुरक्षित और सुकून भरा सफर नसीब होगा या ये हंगामे की कहानी यूं ही चलती रहेगी।
