-मंडरा रहा है लेप्टो का साया
-चूहों के मल ने पानी किया दूषित…डॉक्टरों ने लोगों को किया अलर्ट
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबईकरों के सिर पर अब बारिश की आफत के साथ-साथ बीमारी का खतरा भी मंडराने लगा है। सड़कों और गलियों में भरे गंदे पानी ने ‘जहर’ का रूप धारण कर लिया है। सड़कों और घरों में घुसे बारिश के पानी में मौत का वायरस छुपा बैठा है, जो किसी भी लापरवाही को जानलेवा बना सकता है। हर कदम पर लेप्टोस्पायरोसिस का खतरा मंडरा रहा है। इसी के साथ ही मनपा ने साफ अल्टीमेटम दिया है कि अगर बारिश के पानी से गुजरे हैं तो ७२ घंटे के भीतर मेडिकल सलाह लें, वरना इलाज में देर सीधे मौत को न्योता दे सकती है। डॉक्टरों ने भी मुंबईकरों को सावधानी बरतने और खुले पानी में न आने की सख्त हिदायत दी है।
उल्लेखनीय है कि सोमवार और मंगलवार को हुई जोरदार बारिश के बाद शहर की सड़कों से लेकर रेलवे ट्रैक तक पानी में डूब गए थे। लोकल सेवा थम गई और मुंबईकरों को मजबूरी में गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा। अब यही पानी उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। मनपा आयुक्त भूषण गगरानी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि बारिश के पानी से गुजरे हर शख्स को २४ से ७२ घंटे के भीतर डॉक्टर की सलाह लेनी ही होगी। मामूली कट, जख्म या खरोंच भी इस जानलेवा वायरस को शरीर में प्रवेश दिला सकती है। यही वजह है कि उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को आदेश दिया है कि बारिश की बीमारियों को लेकर जागरूकता बढ़ाई जाए और तत्काल उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। गगरानी का साफ कहना है कि लापरवाही का मतलब जिंदगी दांव पर लगाना है।
जानलेवा संक्रमण
लेप्टोस्पायरोसिस कोई साधारण बीमारी नहीं, बल्कि जानलेवा संक्रमण है। समय पर इलाज न हुआ तो यह सीधे किडनी, लीवर और फेफड़ों पर हमला कर व्यक्ति को मौत के मुंह में धकेल सकता है। मनपा ने स्पष्ट किया है कि हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे दवाखाना, मनपा के स्वास्थ्य केंद्र और भी सरकारी अस्पतालों में प्रतिबंधात्मक दवा और इलाज उपलब्ध है। मनपा ने अपील की है कि नागरिकों को थोड़ा भी लक्षण दिखाई दे अथवा वे बारिश के पानी से गुजरते हैं, तो बिना देरी के तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
