-ध्वस्त यातायात व्यवस्था और बढ़ती दुर्घटनाओं की कड़वी सच्चाई
-मौत के आंकड़ों में हो रही वृद्धि
द्रुप्ति झा / मुंबई
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली यातायात व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह चरमरा गई है। सड़कों पर वाहनों की तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी मासूमों की जिंदगी पर भारी पड़ रही है। हर साल सैकड़ों लोग केवल इसलिए अपनी जान गंवा देते हैं क्योंकि कुछ वाहन चालक गति सीमा को ताक पर रखकर गाड़ियां दौड़ाते हैं। इस संकट के बीच अब यातायात विभाग की कार्यप्रणाली और उनकी जिम्मेदारी पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। मुंबई के सांताक्रुज में वेस्टर्न एक्सप्रेसवे पर सोमवार सुबह एक दुर्घटना हुई, जिसमें एक पिकअप ट्रक सड़क पर पलट गया। यह दुर्घटना तड़के बारिश के बीच हुई। पलटे हुए टेम्पो के कारण, सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही और यातायात बाधित रहा। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरे का इलाज चल रहा है। इस बीच, जांचकर्ताओं का दावा है कि चालक ने अत्यधिक गति की वजह से वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिसके परिणामस्वरूप वाहन डिवाइडर से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार कई बार पलटी खा गई और सड़क पर फिसलती हुई पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
हालांकि, मुंबई ट्रैफिक पुलिस की ओर से जारी हालिया वार्षिक रिपोर्ट (२०२४-२०२५) के आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि पिछले एक दशक में सड़क हादसों में होने वाली मौतों में गिरावट आई है, लेकिन हाल के वर्षों में यह आंकड़ा फिर बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। वर्ष २०२४ में ३४८ जानलेवा सड़क दुर्घटनाएं हुर्इं और ३७० लोगों की इन घटनाओं में जाने गई है। वर्ष २०२५ में ३५६ जानलेवा सड़क दुर्घटनाएं हुई और ३७४ लोगों की जान गई। वर्ष २०२४ की तुलना में २०२५ में सड़क हादसों में मरनेवालों की संख्या ३७० से बढ़कर ३७४ हो गई। इन हादसों में मरने वाले और घायल होने वाले लोगों में सबसे बड़ी संख्या पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों की है।
हादसों की मुख्य वजह
रात के समय खाली सड़कों पर गाड़ियां तय गति सीमा से दोगुनी रफ्तार से दौड़ाई जाती हैं, ऐसे में चालक लापरवाही बरतने पर वाहन से नियंत्रण खो देते हैं। मुंबई के कई चौराहों पर डिजाइनिंग की खामी है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, पूर्वी उपनगरों में स्थित अमर महल जंक्शन मुंबई का सबसे घातक ब्लैक स्पॉट बनकर उभरा है, जहां लगातार दुर्घटनाएं होती हैं। इसके अलावा सड़कों के बीच बने डिवाइडर में अवैध गैप भी हादसों को न्यौता देते हैं। ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त आयुक्त अनिल कुंभारे के मुताबिक, पुलिस प्रशासन मनपा के साथ मिलकर ब्लैक स्पॉट्स को सुधारने और डिवाइडर के गैप्स को भरने का काम लगातार कर रहा है।
