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मुस्लिम वर्ल्ड : ईरान के आगे बेबस ट्रंप?, अमेरिका ने अब सीधे पैसा फेंका!

सूफी खान
पैसा फेंक तमाशा देख या पैसे से सब खरीदा जा सकता है जैसे फिल्मी डायलॉग तो आपने खूब सुने होंगे। अब ईरान से परेशान, हलाकान अमेरिका कुछ इसी मोड़ में आ गया है। होर्मुज पर हाथ- पैर पटक कर, सारे जतन करके अमेरिका देख चुका है, लेकिन ईरान को टस से मस नहीं कर पाया है। मौजूदा हालात तो यही हैं कि तेल का समुद्री रास्ता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अमेरिका के लिए गले की फांस बन गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप भले ही लाख दावें करें कि हमने ईरान की नेवी को खत्म कर दी गई, ईरान का सारा नेतृत्व खत्म कर दिया, लेकिन सच तो ये है कि दुनिया भर में तेल का अहम रास्ता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज आज भी बंद है। ईरान किसी भी स्थिति में झुकने के लिए तैयार नहीं है।
ईरान के आगे बेबस ट्रंप ने सीधे पैसा फेंकने का एलान कर दिया है। घोषणा की गई है कि ईरानी तेल शिपमेंट्स की जानकारी देने पर इनाम दिया जाएगा। खबर है कि अमेरिकी फॉरेन मिनिस्ट्री ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स और उसके सहयोगियों से जुड़े तेल शिपमेंट्स की जानकारी देने पर १.५ करोड़ डॉलर तक के इनाम का एलान किया है। अमेरिका आईआरजीसी से जुड़े तेल की डिलीवरी, इसमें शामिल टैंकरों, संस्थाओं और उन लोगों के बारे में जानकारी चाहता है। जो अमेरिका की नाक के नीचे से होर्मुज में से तेल के जहाज निकाल रहे हैं। गौरतलब है कि अमेरिका का दावा है कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नेवल ब्लाकेट लगा रखा है। कभी अमेरिका खुद ही कहता है कि हमने नाकेबंदी खोल दी। लेकिन इन सबके बावजूद ईरान को कोई असर नही पड़ रहा है।
बताया जाता है कि ईरान ने रसद और ईंधन का भी स्टोरेज जमा कर लिया है। ईरान लंबे युद्ध की तैयारी कर रहा है। उसे मालूम है कि जब तक जंग को लंबा खींचा जाएगा, तब तक उसका पलड़ा भारी रहेगा। क्योंकि लंबी जंग दुनिया में अमेरिका के वर्चस्व को कमजोर करती है। लंबी जंग में अमेरिका और उसके सहयोगियों को हराने के लिए होर्मुज पर कंट्रोल बने रहना बेहद जरूरी है।
बस इसी बात से खार खाकर अब अमेरिका ने ईरान की रणनीति का सुराग देने वालों को डेढ़ करोड़ डॉलर का ईनाम देने का एलान कर दिया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस नाकेबंदी का मकसद ईरान के तेल निर्यात को रोकना है, जो उसकी अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है। मगर सच तो यही है कि ईरान अपना और अपने दोस्तों का तेल आराम से निकाल रहा है और अमेरिका सिर्फ देखता रह जाता है। यही वजह है कि अब ईरानी जहाजों का पता देने वालों को इनाम की बात कही गई है। अब देखना होगा अमेरिका के इस एलान का कितना असर होता है।

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