मुख्यपृष्ठस्तंभमुस्लिम वर्ल्ड : ईरान पर ट्रंप के तेवर पड़े ठंडे ! ...क्या...

मुस्लिम वर्ल्ड : ईरान पर ट्रंप के तेवर पड़े ठंडे ! …क्या अचानक कुछ बड़ा होगा?

सूफी खान

ऐसा लग रहा है कि ईरान को लेकर अमेरिका के तल्ख तेवर अब ठंडे पड़ने लगे हैं। कई दिनों तक चली धमकियों, चेतावनियों और टकराव की आशंका के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान में सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हो रही हत्याएं अब रुक गई हैं। ट्रंप के इस बयान को हाल के दिनों में हमलावर रुख के बाद कुछ नरम लेकिन सतर्क माना जा रहा है।
ट्रंप का यह बयान २६ साल के ईरानी प्रदर्शनकारी इरफान सोलतानी के भविष्य को लेकर बढ़ती चिंता के बाद आया है…सोलतानी को पिछले हफ्ते हिरासत में लिया गया था और उनके जल्द फांसी दिए जाने की आशंकाएं जताई जा रही थीं। लेकिन खबर है कि ईरान में प्रदर्शनकारियों पर सख्ती और उन्हें दी जाने वाली मौत की सजाएं रोक दी गई हैं। इसी खबर के बाद वाशिंगटन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि प्रदर्शनकारियों की हत्या और प्रस्तावित फांसियां दोनों ही रोक दी गई हैं।
हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि उन्हें यह जानकारी किसने दी, तो उन्होंने किसी का नाम बताने से इनकार करते हुए सिर्फ इतना कहा कि ये सूचनाएं दूसरी तरफ के बेहद महत्वपूर्ण स्रोतों से आई हैं।
कुछ मीडिया रिपोर्ट बता रही हैं कि इसी बीच, नॉर्वे स्थित मानवाधिकार संगठन ने बताया कि सोलतानी की फांसी फिलहाल टाल दी गई है। इस खबर के बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कुछ राहत देखी गई।
ऐसे समय में जब अमेरिका ने क्षेत्रीय तनाव के बीच कतर के एक एयरबेस से कुछ कर्मियों को वापस बुलाना शुरू कर दिया है। इसे किसी भी हमले की सूरत में ईरान की तरफ से प्रतिक्रिया के अंदेशे से जोड़कर देखा जा रहा है। भारत ने भी ईरान में रह रहे अपने लोगों को तुरंत लौटने की एडवाइजरी जारी कर दी है। इन सरगर्मियों को देखते हुए लग रहा है कि ईरान पर अमेरिकी कार्रवाई की आशंका अभी टली नहीं है। यानी मिडिल ईस्ट में कभी भी कुछ बड़ा हो सकता है।
एक्सपर्ट कहते हैं कि ईरान में इस्लामिक इंकेलाब की सबसे मजबूत ढाल को भी मैदान में उतार दिया गया है। रहबर के बसीजा। जैसे ही पिछले जुमे को नमाज के बाद ईरान में इमाम खामेनेई ने एलान किया कि उनका मुल्क किसी के आगे झुकेगा नहीं,बस उसके बाद से ईरान की पार्लियामेंट की सिफारिश पर बसीजियों को उतार दिया गया है। कई रिपोर्ट दावा करती हैं कि ईरान में इमाम खामेनेई के २ करोड़ से ज्यादा बसीजी एक्टिव हैं जो अपने रहबर के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार हैं। बसीजी सुप्रीम लीडर की निजी फोर्स होती है जो वॉलंटियर्स की शक्ल में मौजूद है और उसका काम ईरान में इस्लामिक रेव्यूलेशन की हिफाजत करना है।
मिडिल ईस्ट के जानकार ये भी बताते हैं कि ट्रंप के मूड का कोई भरोसा नहीं है वो कभी भी ईरान पर सरप्राइज अटैक कर सकता है। ऐसे में ईरान अपनी अंदरूनी तैयारियों को अंजाम दे रहा है।

अन्य समाचार