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मुस्लिम वर्ल्ड : सिनवार की लाश से क्यों घबराता है इजरायल?.. अड़ गया हमास 

सूफी खान

हमास पॉलिटिकल विंग का चीफ रहा याह्या सिनवार के शव को लेकर इजरायल और हमास आमने-सामने हैं। यह मामला तब और गहरा गया जब इजरायल की ट्रांसपोर्टेशन मंत्री मिरी रेगव ने मारे गए हमास नेता याह्या सिनवार के शव को जलाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा है कि कुछ प्रतीकों को कभी वापस नहीं आना चाहिए। ऐसे में उन्होंने अमेरिकी कार्रवाई का उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह आतंकी ओसामा बिन लादेन के शव का सम्मान ना करते हुए उसे समुद्र में फेक दिया गया था, ताकि उसे शहीद ना बनाया जा सके।
मिरी रेगव का यह बयान उस समय आया है जब इजरायल-हमास के बीच चल रही वार्ता में हमास ने सिनवार के शव की वापसी की मांग की, जिसे इजरायल ने खारिज करते हुए शव को एक गुप्त स्थान पर रखने का आदेश दिया है। इस प्रस्ताव ने युद्ध नीति, नैतिकता और प्रतीकवाद पर जोरदार बहस छेड़ दी है। रेगव की इस टिप्पणी को हमास इजरायल के बीच तनाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है, क्योंकि यह दर्शाता है कि इजरायल सिनवार के शव को शहीद मानने से रोकना चाहता है और वह उसे किसी भी कीमत पर राजनीतिक प्रतीक बनने नहीं देना चाहता।
गाजा सीजफायर के बाद शवों की वापसी विवाद की वजह बनती जा रही है। हमास आतंकी सिनवार गाजा के रफा इलाके में इजरायली ड्रोन हमले में मारा गया था। इजरायल ने पहले भी ऐसी नीतियां अपनाई हैं, जिसमें उसके दुश्मनों की लाशें राजनीतिक शहीद के रूप में स्थापित न हो सकें। रेगव का प्रस्ताव फिलहाल सुरक्षा अधिकारियों द्वारा समीक्षा के अधीन है, लेकिन यह स्पष्ट है कि इजरायल के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व के लिए यह एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील मसला बन गया है। इसराइल और खुद प्रधानमंत्री नेतन्याहू ये नहीं चाहते हैं कि हमास को फिर से एकजुट होने दिया जाए और अगर ऐसे समय में सिनवार का शव गाजा पहुंचा तो एक बार फिर से ये एकजुटता का प्रतीक बन जाएगा।
हमास आतंकी याह्या सिनवार के अंत समय का एक वीडियो भी सामने आया था जब वो एक सोफे पर बैठा दिखा, जहां उसने अपने बाएं हाथ से ड्रोन की ओर डंडा फेंका। उसका दाहिना हाथ घायल था और ठीक से हिल नहीं पा रहा था। इसके बाद इजरायली सेना ने टैंक से इमारत पर हमला किया, जिसमें सिनवार मारा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी पता चला कि उसे उसकी बांह पर छर्रे लगे थे, एक उंगली काटी गई और दांत निकाले गए, ताकि उसकी पहचान सुनिश्चित की जा सके। सिर में लगी गोली उसकी मौत का मुख्य कारण बनी। इस लड़ाई में सिनवार ने आखिरी क्षण तक जवाबी कार्रवाई की, जिसे हमास समर्थक उसका संघर्ष बताते हैं। गाजा में उसे एक हीरो के तौर पर जाना जाता है।

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