मुख्यपृष्ठग्लैमरमैं मायावी दुनिया में विश्वास नहीं करती! -अमृता धोंगडे

मैं मायावी दुनिया में विश्वास नहीं करती! -अमृता धोंगडे

 

‘वशीकरणम’ पिछले २-३ महीनों से सोनी एंटरटेनमेंट चैनल पर प्रसारित हो रहा है, जो अदृश्य शक्ति और तंत्र-मंत्र पर आधारित कहानी दिखाता है। इसमें अमृता धोंगड़े ‘सुरेखा’ का दमदार किरदार निभा रही हैं। अमृता मिरज की रहने वाली प्रतिभाशाली अभिनेत्री हैं। उन्होंने मराठी फिल्म ‘मिथुन’ से करियर शुरू किया और कई टीवी शोज में काम किया। ‘श्रीमती मुख्यमंत्री’ में मुख्य भूमिका और बिग बॉस ४ में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा दिखाई। वह कथक डांसर भी हैं और बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं। पेश हैं, अमृता धोंगड़े से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

वशीकरणम सीरियल को स्वीकार करने के पीछे क्या खास वजह थी? आपको यह शो कैसे मिला?
निर्माता संतोष अयाचित ने मुझसे संपर्क किया और बताया कि वे सुरेखा के किरदार के लिए एक सशक्त अभिनेत्री की तलाश में हैं। उन्होंने मुझे कहानी और किरदार के बारे में विस्तार से समझाया, जो मुझे बेहद प्रभावशाली लगा। यह मेरे लिए बिल्कुल नया अनुभव था क्योंकि मैंने इससे पहले ऐसा किरदार कभी नहीं निभाया था। जादू, मंत्रों और मायावी दुनिया पर आधारित यह भूमिका चुनौतीपूर्ण थी, इसलिए मैंने तुरंत हां कर दी। मराठी से हिंदी में काम करना मेरे लिए बड़ा अवसर था। मेरी मां का सपना था कि अच्छे किरदार को कभी न छोड़ो। एक कलाकार के लिए भाषा नहीं, भावनाएं महत्वपूर्ण होती हैं और सुरेखा जैसा सशक्त किरदार हर कलाकार के लिए खास होता है।

सुरेखा भी सुमन की तरह ही मंत्र-तंत्र करती हैं। क्या आपके लिए ऐसी भूमिका स्वीकार करना मुश्किल नहीं था?
सुरेखा के बूढ़े पिता हमेशा सुमन की मदद करते हैं, लेकिन पिता की मृत्यु के बाद सुरेखा को लगता है कि सुमन ने ही उनकी हत्या करवाई है और वह इसे आत्महत्या का रूप देती है। अकेलेपन में डूबी सुरेखा सुमन को दोषी मानकर तंत्र-मंत्र और काले जादू की दुनिया में कदम रखती है ताकि वह अपने पिता की मौत का बदला ले सके। उसका किरदार सरल, भावुक और दुख से भरा है। सुरेखा और सुमन का यह संघर्ष बेहद जटिल और दिल को छू लेने वाला है। सुरेखा का किरदार निभाना निश्चित रूप से आसान नहीं है। यह एक चुनौती है।

क्या आप अपने निजी जीवन में ऐसी मायावी दुनिया में विश्वास करती हैं? क्या इस आधुनिक युग में भूत-प्रेत और तंत्र-मंत्र संभव हैं?
नहीं…मैं मायावी दुनिया में विश्वास नहीं करती। मैं काला जादू, तंत्र, मंत्र में विश्वास नहीं करती। जब किसी व्यक्ति के जीवन में कोई दुखद घटना घटती है, तो वह टूट जाता है। उस व्यक्ति की मानसिकता ऐसी हो जाती है कि वह अपना जीवन वापस पाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है तब कभी-कभी वह व्यक्ति मंत्र-तंत्र का भी सहारा लेता है। इस सीरीज की शूटिंग करना मेरे लिए बेहद आनंददायक अनुभव रहा।

अभिनय के क्षेत्र में आपका अब तक का सफर वैâसा रहा है? वास्तव में, यह कैसा चल रहा है? आप कितने संतुष्ट हैं?
मैं मिरज में अपने माता-पिता और बहन के साथ रहती थी। ग्रेजुएशन के बाद मैंने एक्टिंग में करियर बनाने के लिए ऑडिशन देना शुरू किया। मेरे माता-पिता ने हमेशा मेरा साथ दिया। मेरी पहली फिल्म ‘मिथुन’ थी। इसके बाद मैंने सीरियल ‘श्रीमती मुख्यमंत्री’ किया, जिसमें मेरा किरदार सुमी था, जो सख्त होने के बावजूद बहुत सकारात्मक थी। फिर मुझे ‘चांदणे शिंपित जशी’ में अलग भूमिका मिली। इसके बाद ‘बिग बॉस ४’ में हिस्सा लिया और सबने मेरी बहुमुखी प्रतिभा को पहचाना।

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