सामना संवाददाता / मुंबई
राकांपा (शरदचंद्र पवार) अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व विधान परिषद सदस्य सिराज मेंहदी ने मनपा चुनाव में राकांपा को कम सीटें मिलने पर नाराजगी जताई है। दरअसल, गठबंधन से राकांपा को कुल २२७ सीटों में सिर्फ ११ सीटें मिली थीं, जिसमें से एक उम्मीदवार का नामांकन रद्द हो गया। अब राकांपा केवल १० सीटों पर चुनाव लड़ रही है। सिराज मेंहदी ने पार्टी के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जमकर काम किया है, वो सभी सीटें दूसरे दलों के हिस्से में चली गर्इं। उन्होंने इस चुनाव में इंडिया गठबंधन और महाराष्ट्र में लोकशाही आघाडी के टूटने पर अफसोस जताया है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को मिलकर प्रदेश में बढ़ते कम्यूनल फोर्सेज को रोकना चाहिए था, लेकिन बहुत अफसोस है कि ऐसा नहीं हो सका। मेंहदी ने कहा कि इस विषय की चर्चा चुनाव के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार से की जाएगी। सिराज मेंहदी गुरुवार को मुंबई राकांपा (अल्पसंख्यक विभाग) के अध्यक्ष रशीद खान द्वारा आयोजित वकील, डॉक्टर और अन्य समाज सेवकों के पक्ष प्रवेश कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में मौजूद थे। उन्होंने रशीद खान के कार्यों की तारीफ करते हुए कहा कि आप अल्पसंख्यक समाज के हर वर्ग को पार्टी से जोड़ रहे हैं। अब आपको सिख, ईसाई और पारसी समाज के लोगों को भी अपने साथ लाने की कोशिश करनी चाहिए।
इस मौके पर पार्टी अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुबारक खान ने कहा कि शरद पवार के नेतृत्व में राकांपा पूरी तरह सेकुलर मूल्यों पर चल रही है। इसी वजह से बड़ी संख्या में लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं। दक्षिण मुंबई जिला अध्यक्ष रुपेश खांडके ने रशीद खान को अध्यक्ष बनाए जाने और उनके कामकाज की तारीफ की। रशीद खान ने मॉब लिंचिंग, बुर्का को लेकर उठ रहे सवाल जैसे मुद्दों पर चिंता जताई और कहा कि इन मामलों में पार्टी का लीगल सेल मजबूती से काम करेगा। उन्होंने बताया कि लीगल सेल की जिम्मेदारी एड. हसनैन काजी को सौंपी गई है। इस मौके पर पार्टी के नेता असलम ईराकी, इजाज खंडवानी, मजहर खान, सुहेल खान, मसूद अहमद, मुश्ताक अहमद, मुदस्सिर शेख और मोहसिन खान मुख्य रूप से उपस्थित थे।
