मुख्यपृष्ठनए समाचारदावों की सुरंग में फंसा नेटवर्क!

दावों की सुरंग में फंसा नेटवर्क!

-एक्वा लाइन पर ‘फुल एवेलेबलिटी’ का दावा फेल

-एमआईडीसी से प्रभादेवी तक इंटरनेट व मोबाइल नेटवर्क अब भी लापता

जेदवी / मुंबई

मुंबई मेट्रो-३ (एक्वा लाइन) के सभी २७ भूमिगत स्टेशनों पर इंटरनेट व मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराने का दावा करने वाली वोडाफोन-आइडिया (वीआई) की घोषणा पर सवाल खड़े होने लगे हैं। कंपनी ने १८ जून २०२६ को पूरी लाइन पर नेटवर्क सेवा शुरू होने का दावा किया था, लेकिन यात्रियों का कहना है कि एमआईडीसी से प्रभादेवी स्टेशन के बीच कई हिस्सों में इंटरनेट सेवा अब भी बाधित है। ऐसे में यात्रियों की परेशानी खत्म होने के बजाय बढ़ती नजर आ रही है।
‘सेवा की उपलब्धता’ के दावे पर उठे सवाल
इससे पहले ११ जून को एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया ने आरे जेवीएलआर से आचार्य अत्रे चौक तक १६ भूमिगत स्टेशनों पर नेटवर्क इंटरनेट व मोबाइल सेवा शुरू करने की जानकारी दी थी। इनमें सीप्ज, एमआईडीसी अंधेरी, मरोल नाका, सीएसएमआईए एयरपोर्ट (टर्मिनल-१ और २), बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी), दादर, सिद्धिविनायक और वर्ली जैसे स्टेशन शामिल थे। इसके बाद १८ जून को वीआई ने कफ परेड तक सभी २७ स्टेशनों पर इंटरनेट व मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध होने का दावा किया। कंपनी के मुताबिक, साइंस सेंटर, महालक्ष्मी, ग्रांट रोड, गिरगांव, कालबादेवी, सीएसएमटी, हुतात्मा चौक, चर्चगेट, विधान भवन और कफ परेड समेत पूरी लाइन पर इंटरनेट व मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध है।
यात्रियों का कहना है कि ‘पूरी लाइन पर मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क’ के दावों के बावजूद सफर के दौरान मोबाइल नेटवर्क गायब है। ऐसे में आपात स्थिति में संपर्क करना भी मुश्किल हो जाता है। यात्रियों का आरोप है कि दावों और वास्तविक स्थिति के बीच बड़ा अंतर साफ दिखाई दे रहा है।
दावा बड़ा, सुविधा अधूरी!
कंपनी का कहना है कि यात्री अब भूमिगत सफर के दौरान वॉयस कॉल, इंटरनेट डेटा, डिजिटल पेमेंट और वीडियो स्ट्रीमिंग जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। लेकिन यात्रियों की शिकायतें और जमीनी स्थिति कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। एमआईडीसी से प्रभादेवी के बीच कई स्थानों पर इंटरनेट सेवा गायब होने से डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन मैसेजिंग और जरूरी संपर्क प्रभावित हो रहे हैं।

अन्य समाचार