अमिताभ श्रीवास्तव
पूरी दुनिया यह देख कर दंग है कि मैसी आखिर है कौन? क्या कोई भगवान है, या कोई जादूगर जिसने विरोधी टीमों को बांध कर रख दिया है, जिसने विरोधी गोलकीपर के पैरो में फेविकोल लगा दिया है कि जब वो किक लगाए तो वह टस से मस न हो सके। जी हां, जॉर्डन के खिलाफ लियोनल मैसी बेंच पर बैठा था। मैदान में उसे देखने आए लाखों करोड़ों दर्शक निराश थे। मगर हाफ टाइम के बाद अपने दर्शकों के लिए मैदान पर उतरे मैसी ने जो प्रâी किक को गोल में बदला वो दिमाग के न जाने कौनसे हिस्से से उपजा तरीका था, जिसे कोई नहीं समझ पाया। बस यही तो देखकर मैसी के लिए मुंह से निकलता है कि आखिर ये है कौन? तीन मैचो में छह गोल कर चुके मैसी पूरे विश्व कप में सबसे आगे चल रहे हैं। गोल्डन बूट के दावेदार तो वो हैं ही, साथ ही जिस विश्व रिकॉर्ड के साथ वो खेल रहे हैं। उसे तोड़ पाना फिलहाल किसीके बस में नहीं दिख रहा है। २१ गोल लगा चुके हैं वो अब तक। जो पीछे है वो प्रâांस का एमबाप्पे है जिसके खाते में अभी १८ गोल हैं यानी उसे तीन गोल सिर्फ बराबरी के लिए चाहिए और अब आयोजन अंतिम ३२ में जा पहुंचा है यानी यहां से नॉक आउट शुरू है। हारे तो बाहर। अर्जेटीना के अगले मुकाबले लगभग आसान हैं और मैसी का जादू तो बिखरा ही हुआ है। आकलन लगाया जा रहा है कि यदि मैसी ऐसे ही खेलते रहे तो अभी वो चार या पांच गोल और दागेंगे। बहरहाल, जॉर्डन को ३-१ से मात देकर अर्जेंटीना अपने ग्रुप में सबसे ऊपर है।
अरे रे अभी से यह जश्न क्यों?
अंग्रेजों को फुटबॉल में सबसे खराब दर्शकों की संज्ञा मिली हुई है। हैं भी वो ऊधमी। फुटबॉल का ऐसा नशा है कि वो अपनी टीम को हारते या जीतते देखने में हंगामा खड़ा कर देते हैं। अब देखिये न विश्व कप फुटबॉल का अभी ग्रुप स्टेज ही खत्म हुआ है, मगर अंग्रेज दर्शक ऐसे हैं जैसे उनकी टीम ने विश्व कप जीत लिया हो। पनामा के खिलाफ महत्वपूर्ण जीत के साथ इंग्लैंड ने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया और उधर इंग्लैंड के प्रशंसक खुशी से ऐसे झूम उठे कि मानो विश्व कप जीत लिया हो। इंग्लैंड के बार, होटल, सड़कें सब जश्न में डूबी हुई थीं। टीम के समर्थकों ने देश भर में तो ठीक, विदेशों के पबों तक में खुशी से बीयर की बोतलें हवा में उछालीं और खूब ऊधम मचाया। मैच देखने आए अंग्रेज प्रशंसकों को शूरवीरों की वेशभूषा पहने देखा गया। उन्हें सेंट जॉर्ज के झंडे लहराते और चेहरे पर लाल और सफेद रंग का पेंट लगाए देखा गया। विलियम्सबर्ग के बैंटर बार से प्रशंसकों की लंबी कतारें बाहर तक फैली हुई थीं, जबकि अन्य लोग लीजेंड्स, वैâराघेर और द लॉन्ग एकर जैसे बार में जमा हो गए थे। यह घटना शहर भर के बारों में सैकड़ों थ्री लायंस यानि इंग्लैंड टीम के प्रशंसकों को हाथों में बीयर के गिलास लिए नाचते-गाते देखे जाने के बाद सामने आई है।
(लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार व टिप्पणीकार हैं।)
