मुख्यपृष्ठखेलआउट ऑफ पवेलियन : आईपीएल के बीच पंड्या की शादी

आउट ऑफ पवेलियन : आईपीएल के बीच पंड्या की शादी

अमिताभ श्रीवास्तव

सोशल मीडिया पर अपने खुलेआम इश्क से चर्चा में रहने वाले हार्दिक पंड्या दूसरी शादी करने जा रहे हैं। हालांकि, यह तो सब जानते हैं कि वे शादी करेंगे, मगर कब, यह नहीं पता है। संभव है वो आईपीएल के बीच ही शादी कर लें। जी हां, क्रिकेट हालकों की खबरों के मुताबिक, हार्दिक पंड्या दूसरी बार शादी करने जा रहे हैं। हार्दिक अभी मॉडल और एक्ट्रेस माहिका शर्मा को डेट रहे हैं। दोनों को अक्सर एक-साथ देखा जाता है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट के मुताबिक, हार्दिक और माहिका २२ मई को एक प्राइवेट सेरेमनी में शादी रचा सकते हैं। हार्दिक पंड्या की पहली शादी नताशा स्टेनकोविक से ३१ मई २०२० को लॉकडाउन के दौरान हुई थी। हालांकि, दोनों की शादी ज्यादा समय नहीं चल पाई और ४ साल बाद ही अलग हो गए। जुलाई २०२४ में हार्दिक और नताशा का तलाक हो गया था। तलाक के बाद हार्दिक का कई महिलाओं के साथ नाम जुड़ा, लेकिन अब फाइनली माहिका शर्मा से शादी करने जा रहे हैं। बता दें कि हार्दिक पंड्या और नताशा का एक बेटा है जिसका नाम अगस्त्य पंड्या है। तलाक के बाद भी दोनों मिलकर अपने बेटे की परवरिश कर रहे हैं। पंड्या की महिका के साथ रोमांस की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल होती हैं। और वो अक्सर चर्चा में रहते हैं।

हार से मैदान नहीं, पाकिस्तान क्रिकेट का मिजाज भी हिलता है
बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट हार के बाद पाकिस्तान टीम के ड्रेसिंग रूम से शान मसूद और शाहीन शाह अफरीदी की कथित तनातनी की खबर ने फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पाकिस्तान क्रिकेट की परेशानी सिर्फ मैदान के प्रदर्शन तक सीमित नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, कप्तान शान मसूद तेज गेंदबाजी आक्रमण की धार और रफ्तार से नाराज थे। उन्होंने शाहीन अफरीदी की गेंदबाजी गति पर सवाल उठाए। पाकिस्तान की दूसरी पारी में बल्लेबाजी भी बुरी तरह बिखरी और टीम १६३ रन पर सिमट गई। हार के बाद ड्रेसिंग रूम में नाराजगी और आरोप-प्रत्यारोप की चर्चा ने टीम के भीतर असंतोष की तस्वीर सामने ला दी। यह कोई अकेली घटना नहीं है। पाकिस्तान क्रिकेट में हार के बाद ड्रेसिंग रूम का माहौल बिगड़ने की पुरानी मिसालें भी रही हैं। वर्ष २००७ में टी-२० विश्व कप से पहले शोएब अख्तर और मोहम्मद आसिफ के बीच ड्रेसिंग रूम विवाद बहुत चर्चित हुआ था। रिपोर्टों के अनुसार, शोएब अख्तर ने गुस्से में आसिफ को बल्ले से मारा था, जिसके बाद शोएब को टीम से वापस भेज दिया गया। यह घटना पाकिस्तान क्रिकेट में आंतरिक अनुशासन की सबसे बड़ी चूकों में गिनी जाती है। इसी तरह पाकिस्तान क्रिकेट में कई बार हार या दबाव के बाद खिलाड़ियों और पूर्व खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया टीवी डिबेट तक भी विवाद बन चुकी है। सितंबर २०२५ के एशिया कप में भारत से हार के बाद पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ी मोहम्मद यूसुफ ने एक टीवी बहस में भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। एंकर ने उन्हें रोकने और सुधारने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी टिप्पणी पर अड़े रहे। उन्होंने भारतीय कप्तान, अंपायरों और मैच अधिकारियों पर भी सवाल उठाए। यह घटना बताती है कि पाकिस्तान क्रिकेट की बेचैनी कई बार मैदान से निकलकर स्टूडियो की भाषा तक पहुंच जाती है।
पाकिस्तान के टीवी पैनलों में भारत से हार के बाद अक्सर विश्लेषण से ज्यादा गुस्सा, आरोप और बहाने दिखाई देते हैं। कभी अंपायरिंग पर सवाल उठाए जाते हैं, कभी मैच अधिकारियों पर पक्षपात के आरोप लगाए जाते हैं, तो कभी भारतीय खिलाड़ियों को लेकर असंयमित टिप्पणियां की जाती हैं। यह रवैया खेल की गंभीर समीक्षा को कमजोर करता है।
शान मसूद-शाहीन विवाद, २००७ का शोएब अख्तर-आसिफ ड्रेसिंग रूम प्रकरण और सितंबर २०२५ में मोहम्मद यूसुफ की टीवी टिप्पणी, इन घटनाओं को जोड़कर देखें तो एक पैटर्न साफ दिखता है। पाकिस्तान क्रिकेट में हार के बाद आत्ममंथन की जगह कई बार आंतरिक टकराव, सार्वजनिक आरोप और भाषा की मर्यादा टूटती दिखती है। पाकिस्तान क्रिकेट को अब यह समझना होगा कि मैदान की हार सुधार से दूर हो सकती है, लेकिन ड्रेसिंग रूम की दरार और टीवी स्टूडियो की बदजुबानी टीम की साख को ज्यादा गहरी चोट पहुंचाती है।
(लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार व टिप्पणीकार हैं।)

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