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रोजाना लेट ट्रेनों से यात्री परेशान…पटरी से उतरी पश्चिम रेल की ‘पंक्चुअलिटी’!

-कभी भी फूट सकता है यात्रियों का गुस्सा

जेदवी / मुंबई

मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली वेस्टर्न रेलवे इन दिनों बदहाल व्यवस्था और लगातार लेट चल रही लोकल ट्रेनों के कारण यात्रियों के निशाने पर है। रोजाना लाखों यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने का दावा करने वाली पश्चिम रेलवे की हालत ऐसी हो गई है कि अब यात्री खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। ट्रेनों की लेटलतीफी ने आम मुंबईकरों का पूरा टाइम टेबल बिगाड़कर रख दिया है।
हर दिन लेट चल रही लोकल
करीब ३० लाख यात्री प्रतिदिन पश्चिम रेलवे से सफर करते हैं, लेकिन पिछले कई दिनों से लगातार २०-३० मिनट देरी से चल रही लोकल ट्रेनों ने लोगों का सब्र का बांध तोड़ दिया है। यात्रियों का कहना है कि रेलवे प्रशासन पूरी तरह बेखबर बना हुआ है और जनता की परेशानी से उसे कोई लेना-देना नहीं रह गया है।
खोखले निकले दावे
दिसंबर में कांदिवली-बोरीवली के बीच पांचवीं और छठी लाइन के कार्य के लिए रेलवे ने मेगा ब्लॉक लिया था। उस समय बड़े-बड़े दावे किए गए थे कि काम पूरा होने के बाद लोकल सेवाएं पहले से अधिक सुचारु होंगी और यात्रियों को राहत मिलेगी, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। यात्रियों का आरोप है कि सुविधाएं बढ़ने के बजाय पश्चिम रेलवे का पूरा टाइम टेबल ही पटरी से उतर चुका है।
बदहाल हुई ‘लाइफलाइन’
एक समय ऐसा था, जब पश्चिम रेलवे की तुलना में सेंट्रल रेलवे की सेवाएं कमजोर मानी जाती थीं और पश्चिम रेलवे की पंक्चुअलिटी की मिसाल दी जाती थी, लेकिन अब हालत यह है कि किसी भी समय स्टेशन पहुंच जाइए, ट्रेनें २०-२५ मिनट देरी से मिलती हैं। ऊपर से लगातार ट्रेनों का रद्द होना यात्रियों की मुसीबतों को और बढ़ा रहा है।
कट रही मुंबईकरों की सैलरी
दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों की मुश्किलें सबसे ज्यादा बढ़ गई हैं। रोजाना लेट पहुंचने के कारण कई लोगों की सैलरी कट रही है तो कइयों को अधिकारियों की नाराजगी झेलनी पड़ रही है। बोरीवली से परेल रोज सफर करने वाली सुनंदा चौहान ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि ट्रेन लेट होने के कारण वह समय पर ऑफिस नहीं पहुंच पातीं, जिसकी वजह से उनकी महीनेभर की सैलरी में १० दिन का वेतन काट लिया गया।
छात्रों की पढ़ाई हो रही प्रभावित
कॉलेज छात्रों में भी भारी नाराजगी है। छात्रों का कहना है कि लगातार लेट ट्रेनों की वजह से वे समय पर कॉलेज नहीं पहुंच पाते, जिससे उनके महत्वपूर्ण लेक्चर छूट रहे हैं और पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
फिर भड़क सकता है जन आंदोलन
यात्रियों में बढ़ते आक्रोश का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में विरार में लोगों ने ट्रैक पर उतरकर रेलवे के खिलाफ प्रदर्शन किया था। अब यात्रियों का साफ कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो पश्चिम रेलवे को कभी भी बड़े आंदोलन और उग्र विरोध का सामना करना पड़ सकता है।

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