दीपिका पादुकोण ने एक समय अपनी आवाज को लेकर हुए मजाक को अपनी सबसे बड़ी ताकत में बदल दिया। हाल ही में वह मेटा एआई की आवाज बनी हैं, जो कई देशों में इस्तेमाल की जाएगी। एक कार्यक्रम में दीपिका ने बताया कि करियर की शुरुआत में उनकी आवाज और बोलने के अंदाज का लोग मजाक उड़ाते थे, लेकिन उन्होंने उसे अपनाया और आज वही उनकी पहचान बन गई है। एआई के बढ़ते प्रभाव पर दीपिका का मानना है कि इंसानी भावनाएं ऐसी चीज हैं, जिन्हें कोई तकनीक नहीं बदल सकती। कलाकार के अभिनय में जो आत्मा और संवेदना होती है, उसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता कभी नहीं दोहरा सकती। यह कदम न केवल सिनेमा जगत में बल्कि डिजिटल दुनिया में भी दीपिका के प्रभाव और दूरदृष्टि को दर्शाता है।
