-गिरते पत्थरों के बगल से जारी है आवागमन
-लग सकती है चोट, हो सकता है बड़ा हादसा
द्रुप्ति झा / मुंबई
नए ब्रिज को बनाने के लिए प्रभादेवी का १२५ साल पुराना एलफिंस्टन ब्रिज तोड़ा जा रहा है। पर इस तोड़क कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने वहां सुरक्षा व्यवस्था का कोई खयाल नहीं रखा है। इस कारण तोड़े जा रहे पुराने ब्रिज के अगल-बगल से गुजरने वाले लोगों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। वहां पोकलेन मशीन से ब्रिज के दोनों साइड की दीवाल तोड़ी जा रही है, जिसके कारण बड़े-बड़े पत्थर गिर रहे हैं। ऐसे में वहां से गुजरने वाले लोगों को चोट लग सकती है और कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
बता दें कि प्रशासन ने इस ब्रिज को तोड़ने के लिए यातायात को बंद कर दिया है। ब्रिज बंद हुए एक महीने से ज्यादा समय हो चुका है। इससे वाहन चालकों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ ब्रिज तोड़ने की कार्रवाई के दौरान प्रशासन की यह बड़ी लापरवाही सामने आई है।
एमएमआरडीए को नहीं है लोगों की सुरक्षा की परवाह!
नए ब्रिज के निर्माण के लिए प्रभादेवी का पुराना एलफिंस्टन ब्रिज तोड़ा जा रहा है। इस दौरान वहां से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा का ध्यान बिलकुल भी नहीं रखा जा रहा है। ऐसा लगता है मानो एमएमआडीए लोगों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह से लापरवाह है। नियमानुसार किसी भी ब्रिज को तोड़ते समय लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखा जाना चाहिए। इसके तहत पूरे क्षेत्र को सुरक्षित करना होता है और खतरे को देखते हुए अगल-बगल के रास्ते को जनता के लिए बंद कर दिया जाता है। लेकिन एलफिंस्टन ब्रिज को तोड़ने के दौरान प्रशासन काफी लापरवाही से काम करते हुए नजर आ रहा है। वहां पर ऐतिहासिक ब्रिज की दीवाल को पोकलेन से बिना किसी सुरक्षा के ही तोड़ा जा रहा है। ब्रिज तोड़ने के दौरान उसे घेरा जाना चाहिए। मगर प्रशासन के अधिकारियों को इसकी सुध ही नहीं है। प्रभादेवी स्टेशन से यात्रियों का आना-जाना हो रहा है और उसी बगल से ब्रिज को भी तोड़ा जा रहा है। ब्रिज की दीवार को तोड़ते समय अगर पत्थर का छोटा सा भी टुकड़ा किसी के सिर पर गिरता है तो बड़ा हादसा हो सकता है। मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण ने सितंबर २०२६ तक इस काम को पूरा करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन इस तरह लापरवाही से अगर काम होगा तो यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस ब्रिज पर ५०० मीटर लंबा नया ब्रिज बननेवाला है। इसमें १३२.२ मीटर लंबा रेलवे ब्रिज होगा। ब्रिज की चौड़ाई १२.१ मीटर होगी। एमएमआरडीए कमिश्नर डॉ. संजय मुखर्जी शुक्रवार को तोड़क कार्रवाई का जायजा तो लेने पहुंच गए, लेकिन वहां से गुजरनेवाले लोगों की सुरक्षा को लेकर उन्होंने कुछ नहीं कहा।
