राजेश सरकार
प्रयागराज। कमिश्नरेट के यमुनानगर स्थित मेजारोड बलुआ घाट पर शनिवार को एक दर्दनाक हादसे ने जनमानस को झकझोर दिया। पिकनिक मनाने, मैगी बनाने और नदी में नहाने की सनक एक 39 वर्षीय युवक समेत दो मासूम बच्चों की जिंदगी लील गई। टोंस नदी में डूबने से युवक और 12 वर्षीय दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि उनके साथ गया 11 साल का एक बच्चा महज इस वजह से बच गया क्योंकि उसने नदी का पानी गंदा बताकर उसमें उतरने से इनकार कर दिया था।
जानकारी के मुताबिक, नैनी पीडीए कॉलोनी बी ब्लॉक निवासी आदित्य श्रीवास्तव शनिवार दोपहर मोहल्ले के 12 वर्षीय आयुष्मान सिंह उर्फ आयु, सनी यादव और 11 वर्षीय पीयूष को बाइक से लेकर बिना परिजनों को बताए मेजारोड के बलुआ घाट पहुंचा था। वहां चारों ने पिकनिक मनाने और मैगी बनाने के बाद नदी में नहाने का फैसला किया।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय मछुआरों के अनुसार, आदित्य, आयु और सनी नहाते समय नदी के गहरे गड्ढे में फंस गए और देखते ही देखते डूबने लगे। वहीं, पीयूष ने नदी का पानी गंदा होने की बात कहकर नहाने से मना कर दिया था, जिससे उसकी जान बच गई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आदित्य का उठना-बैठना अक्सर कम उम्र के बच्चों के साथ रहता था। कॉलोनी में लोग उसे सनकी प्रवृत्ति का बताते थे। उसकी मां और बड़े भाई की पहले ही मौत हो चुकी है, जबकि पिता अलग रहते हैं।
घटना के बाद बलुआ घाट पर चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी प्रयास के बाद शवों को बाहर निकलवाया। हादसे के बाद नैनी पीडीए कॉलोनी में मातम पसरा है।
वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि घाट के पास रेलवे विभाग का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसकी वजह से नदी में गहरा गड्ढा बन गया था। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
