ईश्वरी राज
-बैचेनी बढ़ी
लखनऊ के गलियारे में सुनाई पड़ा है कि यूपी की सियासत में अंदरखाने हलचल तेज है। चर्चा है कि संगठन में फेरबदल को लेकर बड़े नेताओं की दिल्ली में गुपचुप बैठकें चल रही हैं। कुछ जिलों में नए चेहरों को मौका देने की बात हो रही है, जिससे पुराने क्षत्रपों की बेचैनी बढ़ गई है।
पहाड़ से मैदान में
देहरादून से आ रही कानाफूसी कहती है कि उत्तराखंड में सत्ता और संगठन के बीच तालमेल को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पहाड़ के विधायक मैदान में अपनी पकड़ मजबूत करने में लगे हैं। कुछ मंत्रियों के विभाग बदलने की चर्चा भी गर्म है, जबकि विपक्ष इसे मुद्दा बनाने की फिराक में है।
सीट शेयरिंग
पटना की राजनीतिक चाय की दुकानों पर बिहार का सबसे बड़ा गॉसिप यही है कि महागठबंधन के अंदर सीट शेयरिंग का गणित फिर उलझ गया है। बताया जा रहा है कि कुछ छोटे दल नाराज हैं और विकल्प तलाश रहे हैं। उधर, सत्तापक्ष के खेमे में भी टिकट बंटवारे को लेकर खींचतान की सुगबुगाहट है।
नींद उड़ी
जयपुर के सियासी गलियारों में चर्चा है कि राजस्थान में जातीय समीकरण फिर से साधने की कवायद शुरू हो गई है। कुछ बड़े चेहरे अपने-अपने इलाके में जनसंपर्क बढ़ा रहे हैं। कहा जा रहा है कि संगठन में आदिवासी और युवा चेहरों को आगे लाने का दबाव है, जिससे पुराने नेताओं की नींद उड़ी हुई है।
बढ़ा सस्पेंस
भोपाल से खबर आई है कि मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें फिर जोर पकड़ रही हैं। महाकौशल और विंध्य क्षेत्र से प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग उठ रही है। कुछ विधायकों के दिल्ली दौरे ने सस्पेंस बढ़ा दिया है। विपक्ष भी अंदरूनी कलह का फायदा उठाने के लिए रणनीति बना रहा है।
कुल मिलाकर इन पांचों राज्यों में नेताओं की दिल्ली परिक्रमा बढ़ गई है। हर दल में टिकट, पद और वर्चस्व की लड़ाई तेज है। कार्यकर्ता भी समझ नहीं पा रहे कि अगला दांव किसका होगा। आनेवाले हफ्ते सियासी पारा और चढ़ा सकते हैं।
