मुख्यपृष्ठस्तंभप्रोजेक्ट पड़ताल : जुहू सर्कल फ्लाईओवर...`जकड़ा' समय के `जाल' में!

प्रोजेक्ट पड़ताल : जुहू सर्कल फ्लाईओवर…`जकड़ा’ समय के `जाल’ में!

-बार-बार रद्द हुई योजना…अब तक पूरा नहीं हो सका काम

ब्रिजेश पाठक

जुहू सर्कल फ्लाईओवर लंबे समय से निर्माणाधीन है और इसकी योजना में कई बार बदलाव हुए हैं। पहली बार २०१६ में इस फ्लाईओवर का प्रस्ताव जुहू सर्कल पर भीड़ कम करने के लिए रखा गया था और यह मेट्रो २बी लाइन के खंभों के साथ-साथ नीचे की ओर बनाने की योजना थी। लेकिन यह योजना जटिल और अव्यवहारिक पाई गई इसलिए रद्द कर दी गई। नागरिकों का कहना है कि यह फ्लाईओवर तो जैसे समय के जाल में फंस गया है।
इसके बाद की योजना एयरपोर्ट ऑथॉरिटी ऑफ इंडिया की जमीन से होकर फ्लाईओवर निकालने की थी, लेकिन २०२३ में ऊंचाई की पाबंदियों के कारण वह भी रद्द करनी पड़ी। अंतत: बीएमसी ने फिर से मेट्रो २बी के समानांतर फ्लाईओवर बनाने की मूल योजना को लागू किया। अब फ्लाईओवर का एक एंट्री पॉइंट बर्फी वाला ब्रिज के बाद जुहू गली के पास शुरू होगा और दूसरा जुहू-वर्सोवा लिंक रोड पर होगा।
स्थानीय निवासी मिलान विग्रहम ने कहा कि जहां फ्लाईओवर बन रहा है, वे सड़कें तीन लेन की हैं, जिनमें सी. डी. बर्फी वाला लेन पर कुछ अतिक्रमण हैं। जब फ्लाईओवर का निर्माण जोर पकड़ लेगा, तब वह दो लेन घेर लेगा, जिससे केवल एक संकरी लेन बचेगी, जिससे बाकी सभी लोगों को गुजरना पड़ेगा’, ऐसा उन्होंने कहा। उन्होंने कहा कि यह फ्लाईओवर केवल उन लोगों के लिए उपयोगी है, जो जुहू से अंधेरी-पश्चिम और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे की ओर जाना चाहते हैं, जबकि इस जंक्शन पर गुलमोहर रोड, एनएस रोड नंबर १० और सीईएस मार्ग से भी वाहन आते हैं। उन्हें अब भी दो ट्रैफिक सिग्नलों का सामना करना पड़ेगा और फ्लाईओवर के खंभों से भी जूझना होगा।’ विग्रहम ने यह भी चिंता जताई कि जुहू-वर्सोवा लिंक रोड पर कुछ पेड़ों को काटना पड़ेगा।
जाम की स्थिति बनेगी
६३० करोड़ रुपए की लागत से बना यह फ्लाईओवर, जो सी. डी. बर्फी वाला लेन से जुहू-वर्सोवा लिंक रोड तक की तेज यात्रा की सुविधा देता है और जुहू सर्कल के ऊपर से गुजरता है, मनपा की मुंबई कोस्टल रोड के हाई-स्पीड कॉरिडोर्स को जोड़ने की भव्य योजना का हिस्सा है। हालांकि, स्थानीय निवासियों का कहना है कि फ्लाईओवर के एप्रोच रोड नीचे की सड़कों पर जाम की स्थिति पैदा करेंगे।
वर्सोवा और जुहू से अंधेरी १० मिनट में
मनपा के ब्रिज विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि वर्सोवा और जुहू से आने वाले यात्री १० मिनट में अंधेरी पहुंचेंगे और फिर गोखले ब्रिज से वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे तक चले जाएंगे, जिसमें फिलहाल ४५ मिनट लगते हैं। फ्लाईओवर बाद में बांद्रा-वर्सोवा सी लिंक से भी जुड़ जाएगा, जिससे वहां से आने वाले लोग भी वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे तक आसानी से और जल्दी पहुंच सकेंगे।
निवासियों का समर्थन नहीं
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि मनपा पहले ट्रैफिक सिग्नल के समय को कम करने पर काम क्यों नहीं करती, जिससे जंक्शन पर भीड़ अपने आप कम हो जाएगी। मनपा को अन्य सड़कों पर ध्यान देना चाहिए, जिससे वैकल्पिक मार्ग बन सकें और ट्रैफिक का दबाव जुहू सर्कल पर कम हो। हालांकि, स्थानीय निवासियों का समर्थन नहीं मिलने के कारण यह प्रयास ठंडा पड़ गया।

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