रक्षाबंधन

राखी के धागे को बांधकर,
मुहं में खिला मिष्ठान,
कहे बहन, मेरे प्यारे भैया,
रखना मेरी आन।
हर्षित मन से करे आरती,
भैया, रहना दुख में सारथी।
वचन रक्षा का भूल न जाना,
रखना उसका ध्यान।
कहे बहन, मेरे प्यारे भैया,
रखना मेरी आन।
शत-शत जिए तू, मेरे भैया,
ऐ भोले शंकर, गंगा मैया।
तेरी कृपा सदा हो उस पर,
ऐ मेरे भगवान।
कहे बहन, मेरे प्यारे भैया,
रखना मेरी आन।
पूरन ठाकुर जबलपुरी
कल्याण ईस्ट

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