मुख्यपृष्ठस्तंभनिवेश गुरु : मोबाइल नंबर और ई-मेल बदलना कहीं अपनी वित्तीय चाबी...

निवेश गुरु : मोबाइल नंबर और ई-मेल बदलना कहीं अपनी वित्तीय चाबी बदलना तो नहीं?

भरतकुमार सोलंकी
मुंबई

क्या आपने कभी सोचा है कि आपका मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी केवल किसी से संपर्क करने का माध्यम नहीं, बल्कि आज आपकी डिजिटल और वित्तीय पहचान की चाबी भी बन चुके हैं? बैंक खाता, आधार, बीमा पॉलिसी, डीमैट खाता, म्यूचुअल फंड, आयकर विभाग, अस्पताल और न जाने कितने महत्वपूर्ण दस्तावेजों में आपका मोबाइल नंबर और ई-मेल दर्ज है। फिर सवाल यह है कि क्या इन्हें हर दो-तीन साल में बदलना समझदारी है? कुछ लोग मोबाइल नंबर और ई-मेल ऐसे बदलते हैं जैसे हर मौसम में कपड़े बदलते हैं। लेकिन क्या उन्हें पता है कि नंबर बदलने के बाद कितनी जगह जाकर उसे अपडेट करवाना पड़ेगा? क्या बैंक में नंबर बदल गया, लेकिन बीमा कंपनी में पुराना रह गया तो? क्या डीमैट में नया ई-मेल दर्ज है, लेकिन म्यूचुअल फंड के रिकॉर्ड में पुराना ई-मेल पड़ा है? क्या आयकर विभाग, आधार और दूसरे वित्तीय दस्तावेजों में भी वही जानकारी अपडेट हुई है?
सबसे बड़ा सवाल-अगर आपका पुराना मोबाइल नंबर किसी दूसरे व्यक्ति को मिल गया तो? क्या उस नंबर से जुड़े पुराने खातों, संदेशों या सत्यापन प्रक्रियाओं को लेकर जोखिम पैदा नहीं हो सकता? इसलिए नंबर बदलना मजबूरी हो तो अलग बात है, लेकिन केवल आदत या छोटी सुविधा के लिए बार-बार नंबर बदलना क्या उचित है? इसी तरह ई-मेल आईडी क्या केवल संदेश भेजने और प्राप्त करने का पता है? आज तो बैंक स्टेटमेंट, निवेश विवरण, बीमा दस्तावेज, आयकर संबंधी सूचनाएं और महत्वपूर्ण वित्तीय संचार इसी पर आते हैं। फिर क्या ई-मेल का पासवर्ड किसी दुकानदार, परिचित या अनजान व्यक्ति को देना समझदारी हो सकती है? और एक महत्वपूर्ण सवाल-ई-मेल बनाते समय आपने रिकवरी या सेकेंडरी ई-मेल आईडी किसकी रखी है? क्या वह किसी मोबाइल दुकान के दुकानदार, साइबर कैफे या किसी अन्य व्यक्ति की आईडी तो नहीं? यदि वह व्यक्ति आपके खाते की रिकवरी प्रक्रिया तक पहुंच रखता हो, तो क्या वह पासवर्ड रीसेट करने की स्थिति में नहीं आ सकता? इसलिए रिकवरी ई-मेल भी परिवार के विश्वसनीय सदस्य का रखना अधिक सुरक्षित विकल्प हो सकता है-बिल्कुल वैसे ही जैसे हम अपनी संपत्ति के लिए नॉमिनी तय करते हैं। क्या आपका मोबाइल नंबर, ई-मेल, बैंक विवरण, पैन, केवाईसी और नॉमिनेशन सभी जगह सही और अद्यतन हैं? क्या परिवार के किसी विश्वसनीय सदस्य को यह पता है कि आपके महत्वपूर्ण निवेश और वित्तीय दस्तावेज कहां दर्ज हैं? याद रखिए-मोबाइल नंबर और ई-मेल आपकी डिजिटल तिजोरी के ताले की तरह हैं। ताला बदलना गलत नहीं, लेकिन हर बार नई चाबी बनाकर पुरानी चाबी किसके हाथ में रह गई, यह भूल जाना जरूर खतरनाक हो सकता है। और सबसे जरूरी बात-लॉगिन आईडी, पासवर्ड, ओटीपी और बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करे। सुविधा के लिए सुरक्षा से समझौता करना महंगा पड़ सकता है। नंबर और ई-मेल वही रखें, जिन्हें आप सुरक्षित रख सकें और बदलें तो हर संबंधित रिकॉर्ड को तुरंत अपडेट करना न भूलें।
(लेखक आर्थिक निवेश मामलों के विशेषज्ञ हैं।)

अन्य समाचार