मुख्यपृष्ठसमाचारसरकार के दावे में रामराज...फिर क्यों बेरोजगारों को उठा रहे यमराज!

सरकार के दावे में रामराज…फिर क्यों बेरोजगारों को उठा रहे यमराज!

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ

उत्तर प्रदेश लगातार प्रगति के पथ पर नई ऊंचाई छू रहा है, तो बेरोजगार युवाओं की आत्महत्यायें उसके दावे की हवा निकाल रही है।कानपुर के ग्वालटाेली में एक माह पहले नौकरी छूटने से परेशान बेरोजगार युवक ने बुधवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। भैया दूज के मौके पर इकलौते भाई की मौत से बहन समेत परिवार को रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम बुलाकर साक्ष्यों का संकलन कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एफएम कालोनी निवासी प्राइवेट कर्मचारी ललित झा का 23 वर्षीय इकलौता बेटा कृष्णा झा कंस्ट्रक्शन कंपनी में सुपरविजन का काम करता था। ललित के परिवार में बेटे कृष्णा के अलावा पत्नी नीतू व बेटी पलक है। बेटी ग्रेजुएशन कर रही है। पिता ने बताया कि एक माह पहले किसी कारण से कृष्णा की नौकरी छूट गई थी, तब से वह तनाव में रहने लगा था। भैया दूज को लेकर पत्नी बेटी पलक के साथ बुधवार को मरियमपुर स्थित मायके गई थीं। कृष्णा रात में खाना खाने के बाद कमरे में सोने की बात कहकर चला गया था। गुरुवार सुबह बेटे के कमरे से बाहर न आने पर जब कमरे पहुंचे तो कृष्णा का शव फंदे से झूल रहा था। जवान बेटे की यह हालत देख पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। चीख-पुकार सुन पड़ोसी पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। थाना प्रभारी ने बताया कि युवक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। साक्ष्यों का संकलन कर शव पाेस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पिता ने बताया कि नौकरी छूटने के बाद कृष्णा बेरोजगार हो गया था। इस कारण काफी तनाव में था। इसी कारण कृष्णा ने सुसाइड किया है। बहन पलक मां के साथ बुधवार को नानी के घर गई थी। गुरुवार दोपहर भाई-दूज पर करीब 12 से 1 के बीच वह घर आकर इकलौते भाई को सबसे पहले रोचना कर आशीर्वाद लेती और लंबी उम्र की कामना करती, लेकिन उससे पहले ही कृष्णा ने मौत को गले लगा लिया। हर कोई यही कहता मिला कि नाैकरी छूट जाने के बाद से पिछले कई दिनों से घुट रहा था।

इससे पहले लखनऊ के तालकटोरा क्षेत्र में बेरोजगारी से परेशान एक युवक ने बुधवार शाम अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। उपनिरीक्षक दिनेश सिंह के अनुसार, मृतक की पहचान तालकटोरा थाना क्षेत्र के ई-5/1 राजाजीपुरम, डबल पुलिया निवासी आशु शंकर बाजपेई (40) पुत्र स्वर्गीय प्रभाकर दत्त बाजपेई के रूप में हुई है। उन्होंने बुधवार शाम करीब 8:30 बजे अपने घर के सीढ़ी की रेलिंग में रस्सी से फांसी लगा ली। परिजनों ने बताया कि आशु शंकर लंबे समय से बेरोजगार थे, जिसके कारण वे मानसिक तनाव में थे। परिजनों ने तुरंत आशु शंकर को राजाजीपुरम स्थित रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मौत का कारण फांसी लगाना प्रतीत हो रहा है। हालांकि, घटना की सत्यता की पुष्टि के लिए गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने नियमानुसार पंचायतनामा भरकर शव का पोस्टमॉर्टम कराया है।मृतक अपने पीछे पत्नी आकांक्षा बाजपेई, बेटे पीयूष बाजपेई और बेटी यवशी बाजपेई को छोड़ गए हैं। इस घटना से परिवार गहरे सदमे में है।

इसके पहले 12 सितंबर को भी सरोजनी नगर के गौरी विहार कॉलोनी में गुरुवार देर रात 22 वर्षीय युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान शिवमोहन त्रिपाठी के रूप में हुई है, जो अपने छोटे भाई शिवा और बहन के साथ रह रहा था। पुलिस के मुताबिक, शिवमोहन ने हाल ही में अपनी प्राइवेट नौकरी छोड़ दी थी और नशे का आदी था। घटना के समय भी वह शराब के नशे में था। जब उसका छोटा भाई कमरे में गया तो उसने भाई को फंदे से झूलता देखा और शोर मचाया। इसके बाद मोहल्ले वालों की सूचना पर पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।सरोजनी नगर थाना प्रभारी निरीक्षक राजदेव राम प्रजापति ने बताया कि फिलहाल, आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन प्राथमिक जांच में बेरोजगारी और नशे की लत बड़ी वजह मानी जा रही है। मृतक के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था-मां की सात साल पहले और पिता की चार साल पहले मौत हुई थी। अचानक हुए इस हादसे से परिजनों और पड़ोसियों में गहरा शोक है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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