मुख्यपृष्ठस्तंभरौबीलो राजस्थान: टांग तोड़ावणियो पैलो व्यंग्यकार

रौबीलो राजस्थान: टांग तोड़ावणियो पैलो व्यंग्यकार

बुलाकी शर्मा / राजस्थान

आम अर खास नै हरख सूं सूचित कर रैयो हूं कै बाजिंदा व्यंग्यकार ‌हरिशंकर परसाई रो रिकॉर्ड तोड़’र म्हैं बां सूं आगै निकळग्यो हूं। नूंवो रिकॉर्ड बणावण सारू म्हैं परसाई जी री अर म्हारी टूट्योड़ी टांग बिचाळै कंपेरिजन करियो है। बां रै लेखन सूं नीं।
लारलै अ‍ेक महीनै सूं म्हारी टांग माथै प्लास्टर चढ़ियोड़ो है। म्हारी टांग म्हारी लापरवाही सूं टूटी है जदकै परसाई जी री टांग्यां बां री लेखनी रै साच नै हजम नीं करणिया अमानवी‌-असहिष्णु‌-साम्प्रदायिक अर असामाजिक तत्वां हमलो करनै तोड़ी। परसाई जी पक्को पाटो बंधियोड़ी आपरी टांग्यां री पब्लिसिटी नीं कर सक्या क्यूंकै बीं टैम दुनिया नै मुट्ठी में करणियो सोशल मीडिया कोनी हो। बां रै निधन पछै फेसबुक, यूट्यूब, ट्विटर, इंस्टाग्राम, वाट्सअ‍ेप आया। जदकै म्हारी टूट्योड़ी टांग सोशल मीडिया रा सगळा प्लेट फार्म माथै जम’र वायरल हुय रैई है। टांग नै सिम्पैथी मिल रैई है, म्हारी लापरवाही भूंडीज रैई है, दूजां बिचाळै माडाणी टांग फसावण रो दंड बतावणिया ई है पण पब्लिसिटी मिल रैई है। हिंदी साहित्य रै इतिहास में टांग तोड़ावणिया पैला व्यंग्यकार परसाई जी जरूर है पण ओ साच साम्हीं राखणो जरूरी है कै सोशल मीडिया रै दौर में टांग तोड़ा’र बीं नै वायरल कर’र पब्लिसिटी बटोरणियो हिन्दी रो पैलो व्यंग्यकार आपरो बेली बुलाकी ई है। जे राजस्थानी साहित्य री बात करां तो सोशल मीडिया री सरूआत सूं पैला अर पछै, टांग तोड़ावणियो अ‍ेकूको अर अ‍ेक्सक्लुसिव व्यंग्यकार म्हैं ई हूं। साहित्य रो इतिहास लिखणिया मानीता आलोचकां‌ अर इतिहासकारां सूं अरज है कै म्हारी इण महताऊ उपलब्धि नै तुरताफुरत दरज करण री मेहरबानी करै।
अफसोस कै म्हनैं खुद ई ‘टांग तोड़ावणियो पैलो व्यंग्यकार’ बणन री महताऊ जाणकारी आपसूं साझा करणी पड़ रैई है। क्यूंकै म्हैं लेखक हूं, राजा कै प्रधान नीं। बे तो नूंवा-नूंवा टोटका काम में लेय’र नूंवा-नूंवा रिकॉर्ड बणावण री घोषणावां करता रैवै। कणैई सबसूं बेसी दिन राज करण रो, कणैई अ‍ेक ई छुट्टी नीं लियां डिप्टी करण रो, कदैई कोई दूजो। अ‍े टोटका पुराणो रिकॉर्ड टूटणो अर नूंवो बणनो मानीजै। जनता रै टैक्स सूं राज रै खजानै में जमा राशि सूं पब्लिसिटी सारू करोड़ूं खर्च करीजै। पण लेखक नैं खुद ई खुद री उपलब्धियां बतावणी पड़ै। परसाई जी रो पुराणो रिकॉर्ड तोड़’र म्हैं जिको नूंवो रिकॉर्ड बणायो है, बीं री घोषणा करणी जरूरी ही अर बा कर दीवी है। अबै आप म्हनैं टोटकैबाज मान’र म्हारी मखौल उडावो कै म्हनैं सरावो, म्हारै कोई फरक नीं पड़नो है।

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