रोहित माहेश्वरी लखनऊ
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रयागराज के माघ मेला क्षेत्र में साधु-संतों और श्रद्धालुओं के साथ कथित दुर्व्यवहार को अक्षम्य और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि शाही स्नान की सदियों पुरानी सनातनी परंपरा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जो आस्था का सीधा अपमान है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में हर वर्ष बड़े धार्मिक आयोजनों में अव्यवस्थाएं सामने आती हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। मणिकर्णिका घाट पर तोड़-फोड़ के मामले में भाजपा नेताओं और अधिकारियों के विरोधाभासी बयानों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि सच छिपाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
अहिल्याबाई की मूर्ति हटाना दुर्भाग्यपूर्ण
वाराणसी में महारानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति हटाए जाने की खबर पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी वाराणसी में इस तरह की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है, जिससे समाज के बड़े वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं। मायावती ने सरकार से तत्काल स्थिति स्पष्ट करने की मांग करते हुए कहा कि आस्था और सामाजिक सौहार्द से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार पारदर्शिता नहीं दिखाती है तो जनआक्रोश और बढ़ सकता है।
निजी मकान में नमाज पर हिरासत
बरेली जिले के बिशारतगंज थाना क्षेत्र के गांव मोहम्मदगंज में निजी मकान में नमाज अदा करने पर १२ लोगों को हिरासत में लिए जाने की घटना पर सियासत गरमा गई है। भीम आर्मी प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने इस कार्रवाई को शर्मनाक और संविधान पर सीधा हमला बताया। उन्होंने कहा कि जब कोई कानून-व्यवस्था का खतरा नहीं था तो निरोधात्मक कार्रवाई का आधार क्या था। आजाद ने सरकार से सभी हिरासत में लिए गए लोगों को तुरंत रिहा करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मूर्ति विवाद पर कांग्रेस का हमला
बनारस में मंदिर-मूर्ति विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति और गरमा गई है। कांग्रेस प्रदेश इकाई ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। पोस्ट में कहा गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक वायरल वीडियो को ‘एआई का कमाल’ बताकर सफाई दे रहे हैं, जबकि बनारस शहर उत्तर से विधायक व मंत्री रविंद्र जायसवाल वैâमरे पर मूर्तियों को हटाने और तोड़ने की बात स्वीकार कर चुके हैं। कांग्रेस ने इसे सरकार का दोहरा रवैया बताते हुए कहा कि जनता की आस्था को तकनीक के नाम पर दबाने की कोशिश बेहद शर्मनाक है और मुख्यमंत्री को इस पूरे मामले में जनता से माफी मांगनी चाहिए।
