मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (आरआईएल) ने कहा है कि वह यूरोपियन यूनियन, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा रूस से कच्चे तेल के आयात और यूरोप में रिफाइंड प्रोडक्ट्स के निर्यात पर लगाए गए नए प्रतिबंधों का गहराई से मूल्यांकन कर रही है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि वह इन प्रतिबंधों से जुड़ी सभी नई अनुपालन आवश्यकताओं (कंप्लायंस रिक्वायरमेंट्स) का आकलन कर रही है और यूरोप में रिफाइंड प्रोडक्ट्स के आयात से संबंधित यूरोपीय संघ (ईयू) के दिशा-निर्देशों का पालन करेगी। आरआईएल के प्रवक्ता ने कहा कि भारत सरकार से इस विषय में जो भी मार्गदर्शन प्राप्त होगा, कंपनी हमेशा की तरह उसका पूर्ण रूप से पालन करेगी। उन्होंने कहा कि रिलायंस ने सदैव भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता माना है।
प्रवक्ता के अनुसार, कंपनी का अनुपालन (कंप्लायंस) और नियामकीय ढांचे का पालन करने का रिकॉर्ड बेदाग रहा है और भविष्य में भी इसे बनाए रखने के लिए वह प्रतिबद्ध है। आरआईएल जरूरत पड़ने पर अपनी रिफाइनरी परिचालन प्रणाली में आवश्यक बदलाव करेगी ताकि सभी नए नियमों का पालन सुचारू रूप से हो सके। कंपनी का कहना है कि वैश्विक सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट्स बदलते बाजार परिदृश्य और नियामकीय परिस्थितियों के अनुरूप समय-समय पर संशोधित होते रहते हैं, और यह ऊर्जा उद्योग में सामान्य प्रक्रिया है। रिलायंस ने आश्वासन दिया है कि वह अपने सप्लायर्स और व्यापारिक भागीदारों के साथ सहयोग बनाए रखते हुए मौजूदा परिस्थितियों का प्रभावी ढंग से सामना करेगी।
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ को विश्वास है कि यूरोप सहित घरेलू और वैश्विक जरूरतों को पूरा करने के लिए उसकी विविध स्रोतों से कच्चे तेल की आपूर्ति की रणनीति स्थिरता और विश्वसनीयता बनाए रखेगी। कंपनी का कहना है कि उसकी दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति और मजबूत रिफाइनिंग क्षमताएं किसी भी वैश्विक बाजार उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुरक्षित रखने में सहायक सिद्ध होंगी।
