सामना संवाददाता / सुल्तानपुर
करीब ढाई दशक से यूपी की सुल्तानपुर जिले की पत्रकारिता के जाने-माने चेहरे रहे पत्रकार सतीश पांडेय (४८) अब इस दुनिया में नहीं रहे। मंगलवार की देर रात मस्तिष्क ज्वर ने उनकी ज़िंदगी छीन ली। वे करीब पंद्रह दिन से लखनऊ कक मशहूर मैक्स अस्पताल में भर्ती थे।
सुल्तानपुर जिला मुख्यालय के करीब स्थित गांव अन्नपूर्णानगर (गोसाईंगंज) के मूल निवासी सतीश पांडेय करीब छब्बीस वर्षों से सुल्तानपुर जिले की पत्रकारिता में सक्रिय थे। यूं तो वे जनपद के अग्रणी वरिष्ठ पत्रकार मनोराम पांडेय के भतीजे थे लेकिन उन्होंने जल्द ही अपने सौम्य, सहज व मिलनसार स्वभाव के कारण मुख्य धारा के पत्रकारों के मध्य अपनी मजबूत जगह बना ली। दशकों से वे राजधानी लखनऊ से प्रकाशित हिंदी दैनिक स्वतंत्र चेतना के जिला संवाददाता के रूप में कार्यरत थे। उनके सहकर्मी पत्रकार योगेश यादव ने बताया कि इधर करीब माह भर पूर्व उन्हें बुखार आना शुरू हुआ। सामान्य दवा वे लेते रहे लेकिन कुछ दिनों तक बुखार चढ़ना उतरना लगा रहा। पंद्रह अगस्त के बाद स्थिति गंभीर हो गई और एक स्थानीय अस्पताल में उन्हें भर्ती कराना पड़ा। इस बीच मधुमेह का स्तर भी बढ़ जाने से जटिलता बढ़ गई। जिससे उन्हें गत १८ अगस्त को लखनऊ के मैक्स अस्पताल ले जाया गया। जहां उन्हें मस्तिष्क ज्वर होने की पुष्टि हुई। तबसे लगातार वे पंद्रह दिनों तक मैक्स में ही रहे लेकिन चिकित्सकों की सारी मेहनत निष्फल साबित हुई। मंगलवार की रात वेंटिलेटर पर उन्होंने आखिरी सांस ली। दिवंगत पांडेय का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव के करीब स्थित दियरा घाट पर गोमती नदी के किनारे बुधवार को संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित लोगों ने उन्हें श्रद्धा पुष्प समर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। सांसद संजय सिंह समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग भी मौजूद रहे।
