अनिल मिश्र / रांची
झारखंड के रामगढ़ जिले के भुरकुंडा में संयुक्त विस्थापित प्रभावित मोर्चा ने विभिन्न ज्वलंत समस्याओं और छह सूत्री मांगों के समाधान को लेकर 28 जुलाई से संगम खुली खदान का कार्य पूर्णतः बंद करते हुए अनिश्चितकालीन धरना और चक्का जाम आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है।
मोर्चा की ओर से बताया गया कि पूर्व में समस्याओं के समाधान को लेकर कई बार आवेदन और मांग-पत्र सीसीएल प्रबंधन एवं संगम आउटसोर्सिंग कंपनी को सौंपे गए थे, लेकिन आज तक मांगों के समाधान के लिए कोई ठोस और सकारात्मक पहल नहीं की गई। इससे प्रभावित रैयतों और स्थानीय ग्रामीणों में गहरा असंतोष, नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है।
संयुक्त विस्थापित प्रभावित मोर्चा ने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी जायज और लंबित मांगों पर सकारात्मक पहल या निर्णय नहीं लिया जाता है।
मोर्चा ने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान यदि उत्पादन, परिवहन, आवागमन, कानून-व्यवस्था अथवा किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सीसीएल प्रबंधन और संगम आउटसोर्सिंग कंपनी की होगी।
मौके पर संजय मांझी, मन्ना राम मांझी, रोहित मुंडा, शंभू लाल मांझी, रामदास बेदिया, संजय कुमार, सुनील नायक, निक्की मुंडा, राणा प्रताप सिंह, झारी मुंडा, फुलेश्वर राम, राजा राम प्रसाद, नरेंद्र बेदिया, सुनील बेदिया, सूरज कुमार, संतोष मांझी और अनिल एक्का मौजूद रहे।
