मुख्यपृष्ठस्तंभस्कैम्स एंड स्कैंडल्स: रात के अंधेरे में ‘बुंगा बुंगा'!

स्कैम्स एंड स्कैंडल्स: रात के अंधेरे में ‘बुंगा बुंगा’!

श्रीकिशोर शाही

(बुंगा बुंगा-१२)

सार्डिनिया के ‘विला सर्टोसा’ की रहस्यमयी गुफाओं और कृत्रिम ज्वालामुखियों से भी ज्यादा कुख्यात एक और जगह थी, जिसने सिल्वियो बर्लुस्कोनी के पतन की असल पटकथा लिखी। यह जगह थी मिलान शहर के ठीक बाहर स्थित उनका दूसरा आलीशान महल, ‘विला सैन मार्टिनो’ इसी महल की अभेद्य दीवारों के भीतर दुनिया ने पहली बार ‘बुंगा बुंगा’ नाम के उस खौफनाक और शर्मनाक शब्द का असली मतलब समझा, जिसने इटली की राजनीति को हमेशा के लिए कलंकित कर दिया।
शुरुआत में ‘बुंगा बुंगा’ महज एक अजीब सा शब्द था। असल में यह लीबिया के कुख्यात तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी द्वारा सुनाए गए एक बेहद अश्लील और भद्दे अप्रâीकी चुटकुले से निकला था। बर्लुस्कोनी और गद्दाफी के बीच गहरी राजनीतिक दोस्ती थी और सिल्वियो अपनी महफिलों में अक्सर यह चुटकुला बड़े चाव से सुनाया करते थे। लेकिन जल्द ही यह शब्द महज एक चुटकुला नहीं रहा, बल्कि यह विला सैन मार्टिनो में सजने वाली उन अति-गुप्त और अय्याश महफिलों का कोड-वर्ड बन गया, जहां सत्ता के नशे में चूर इटली का प्रधानमंत्री अपनी दौलत और ताकत का सबसे घिनौना खेल खेलता था।
जैसे ही रात ढलती थी, इस विला का बेसमेंट एक महंगे और गुप्त नाइटक्लब में तब्दील हो जाता था। इस कमरे में एक चमचमाता हुआ डांस पोल लगा था। महफिल में इटली के जाने-माने रईस, मंत्री और बर्लुस्कोनी के खास दोस्त जुटते थे। यहां शराब पानी की तरह बहती थी और भारी मात्रा में नकद पैसा लुटाया जाता था। दर्जनों युवा मॉडल्स को इन ‘बुंगा बुंगा’ पार्टियों में शामिल होने के लिए खास तौर पर बुलाया जाता था, जिन्हें रात के अंत में लिफाफों में भरकर हजारों यूरो वैâश और महंगे हीरे-जवाहरात दिए जाते थे। यह कोई आम पार्टी नहीं थी, बल्कि यह इटली के लोकतंत्र के सीने पर रची जा रही देह व्यापार और सत्ता की सबसे खौफनाक साजिश थी। यहीं से सिल्वियो के उस जाल की शुरुआत हुई, जिसमें वह खुद ही बुरी तरह उलझने वाले थे।
(शेष अगले अंक में)

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