एडल्ट स्टार के साथ शाम गुजारना पड़ा भारी
श्रीकिशोर शाही
जुलाई २००६ की एक शाम। वैâलिफोर्निया और नेवादा की सीमा के पास लेक टाहो में एक सेलिब्रिटी गोल्फ टूर्नामेंट आयोजित हुआ था। उस टूर्नामेंट में कई हस्तियां शामिल हुई थीं। इनमें बिजनेस और फिल्मों से जुड़ी हस्तियां भी थीं। इसमें मेहमान के तौर पर एक बिजनेस टायकून भी आया था, जिसका नाम था डोनाल्ड ट्रंप। जी हां, वही ट्रंप जो आज अमेरिका के राष्ट्रपति हैं और पूरी दुनिया की नाक में दम कर रखा है। गोल्फ मैच के दौरान ट्रंप की नजर एक युवती पर टिक गई।
वह थी स्टेफनी क्लिफर्ड। उसे फिल्मी दुनिया स्टॉर्मी डेनियल्स के नाम से जानती थी। वह उस समय एडल्ट फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रही थी और कुछ मुख्यधारा की हॉलीवुड फिल्मों में छोटे रोल कर चुकी थी।
ट्रंप का तब राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था। वह उस समय ६० वर्ष का एक बेहद अमीर रियल एस्टेट कारोबारी और टीवी शो ‘द एप्रेटिंस’ का चर्चित चेहरा था। न्यूयॉर्क, फ्लोरिडा और लास वेगास में उसकी संपत्तियां थीं और मीडिया में उसकी मौजूदगी किसी फिल्मी सितारे से कम नहीं थी।
टूर्नामेंट के दौरान स्टॉर्मी डेनियल्स से किसी ने उसका परिचय करा दिया। ट्रंप ने कुछ इधर-उधर की बात करके स्टॉर्मी डेनियल्स को डिनर का न्योता दिया। स्टॉर्मी डेनियल्स इस निमंत्रण को लेकर आश्वस्त नहीं थी, लेकिन उसके मैनेजर ने उसे जाने की सलाह दी। उसी देर शाम वह ट्रंप के होटल में उनके सुइट में पहुंची। ट्रंप की पत्नी मेलानिया उस कार्यक्रम में मौजूद नहीं थी और कुछ ही महीनों पहले बेटे बैरन का जन्म हुआ था। ट्रंप ने इस मौके का भरपूर फायदा उठाया और शैंपेन की चुस्कियों के बाद बेडरूम में एक तूफान गुजर गया। उस मुलाकात के दौरान दोनों कुछ देर के लिए दो शरीर एक जान बन गए। यह बात बाद में अदालत में गवाही के रूप में सामने आई। उस समय न कोई कानूनी विवाद था, न कोई गोपनीय समझौता। वह एक निजी घटना थी, जो वहीं समाप्त हो जानी चाहिए थी। दोनों के रास्ते उसके बाद अलग हो गए।
अगले कई वर्षों तक यह घटना सार्वजनिक नहीं हुई। ट्रंप अपने कारोबार और टीवी शो में व्यस्त रहा। स्टॉर्मी डेनियल्स भी अपने काम में लगी रहीं। लेकिन समय के साथ परिस्थितियां बदलती गईं। वही निजी घटना, जिसे तब महत्वहीन समझा गया था, आगे चलकर एक ऐसे घटनाक्रम की पहली कड़ी साबित हुई, जो एक दिन अदालत की फाइलों में दर्ज होने वाला था। ट्रंप राजनीति में आ गए और राष्ट्रपति के उम्मीदवार के रूप में उन्होंने चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी। तब अतीत की उस अय्याशी ने उन्हें डराना शुरू कर दिया।
(शेष अगले अंक में)
