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स्कैम्स एंड स्कैंडल्स : ये अंधा कानून है!.. ३४ गुनाहों के दोषी की सजा माफ

श्रीकिशोर शाही

वैसे इस मामले में एक बात थी। जब भी ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियां शुरू होतीं, डेनियल का स्कैंडल का जिन्न बोतल से बाहर निकल आता। २०२४ में ट्रंप ने फिर से चुनाव की तैयारियां शुरू कीं तो मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया।
मई २०२४ के आखिरी दिनों में मैनहैटन की अदालत में वह क्षण आया, जिसका इंतजार महीनों से था। जूरी ने कई दिनों की सुनवाई, दस्तावेजों की पड़ताल और गवाहियों के बाद अपना पैâसला सुनाया। ३० मई २०२४ को डोनाल्ड ट्रंप को ३४ में से सभी ३४ आरोपों में दोषी ठहराया गया। आरोप वही रहे, कारोबारी रिकॉर्ड को जानबूझकर गलत तरीके से दर्ज करना, ताकि २०१६ के चुनाव से पहले एक संवेदनशील जानकारी छुपाई जा सके।
फैसले के समय ट्रंप राष्ट्रपति नहीं थे। उनका कार्यकाल २०२१ में समाप्त हो चुका था। वह उस समय फिर से चुनावी राजनीति में सक्रिय थे, लेकिन अदालत की नजर में वह एक आम अभियुक्त थे। यह अमेरिकी इतिहास में पहली बार हुआ, जब किसी पूर्व राष्ट्रपति को आपराधिक मुकदमे में दोषी पाया गया। जनवरी २०२५ में सजा पर सुनवाई हुई। अदालत ने ट्रंप को ‘अनकंडीशनल डिस्चार्ज’ दिया। इसका अर्थ साफ था, उन्हें न जेल भेजा जाएगा, न जुर्माना लगाया जाएगा, न प्रोबेशन दी जाएगी। लेकिन दोष सिद्ध होने का रिकॉर्ड बना रहेगा। कानून ने सख्त दंड नहीं दिया, पर उसने यह भी साफ कर दिया कि अपराध दर्ज हो चुका है। कुल मिलाकर मामला लीपापोती वाला था। एक शख्स ३४ मामलों में दोषी पाया जाए, उसे सजा भी सुना दी जाए और बाद में अनकंडीशनल डिस्चार्ज का तोहफा देने का मतलब साफ था कि दुनिया में हर जगह कानून सिर्फ आम आदमी के लिए होता है।
बहरहाल, ट्रंप ने फैसले को राजनीतिक साजिश बताया। उनका कहना था कि यह मुकदमा उन्हें चुनाव से दूर रखने की कोशिश है। उनके समर्थकों ने इसे सत्ता के खिलाफ युद्ध कहा और विरोधियों ने कानून की जीत। फिलहाल, बताया जाता है कि यह मामला अपील में है। कानूनी प्रक्रिया अभी समाप्त नहीं हुई है। लेकिन एक तथ्य बदल नहीं सकता, २००६ की एक निजी घटना, २०१६ के एक चुनावी डर से होकर, २०२४ में अदालत के फैसले तक पहुंची। यह कहानी किसी रिश्ते की नहीं, बल्कि उस पल की है, जब सत्ता ने सच को ढकने की कोशिश की। और यहीं यह कहानी ठहर जाती है। क्योंकि इतिहास अक्सर यह नहीं पूछता कि किसने क्या कहा। वह यह देखता है कि किसने क्या छुपाया, और कितनी देर तक। (समाप्त)

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