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सत्रह स्पॉट डेंजर जोन में… मुंबई पर फिर मंडराया खतरा!

– परमाणु बम का ‘ब्ल्यू प्रिंट’ भी मिला

-झारखंड में भी पकड़ा गया एक जासूस

– जांच दल को पाकिस्तानी लिंक होने की आशंका

-जोगेश्वरी के फ्लैट में मिले कई संदिग्ध दस्तावेज

सामना संवाददाता / मुंबई

मुंबई पर एक बार फिर खतरा मंडरा रहा है। हाल ही में पकड़े गए एक जासूस के पास से कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं, जिसमें मुंबई के अलग-अलग क्षेत्र के नक्शे शामिल हैं। शख्स के पास से ऐसे कुल १७ नक्शे मिले हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि मुंबई के सत्रह स्पॉट डेंजर जोन में हैं। मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि गिरफ्तार शख्स के फलैट की जांच में एक परमाणु बम का ‘ब्ल्यू प्रिंट’ भी मिला है।
बता दें कि मुंबई में खतरनाक साजिश को अंजाम देने के लिए की जा रही जासूसी मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (सीआईयू) ने झारखंड से एक साइबर वैâफे मालिक को भी गिरफ्तार किया है। वह उस शख्स की मदद कर रहा था, जिस पर आरोप है कि वह भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (बार्क) के फर्जी वैज्ञानिक का आईडी कार्ड बनाकर जासूसी कर रहा था। उसके पास से कई नकली पहचान, अकादमिक डिग्री कई पासपोर्ट तथा आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं। बता दें कि पिछले हफ्ते क्राइम ब्रांच पुलिस ने वर्सोवा यारी रोड से एक शख्स को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसके पास से भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर का फर्जी आई कार्ड बरामद हुआ था।

कई पेन ड्राइव बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से कई पेन ड्राइव बरामद किए हैं। इसके अलावा तीन मोबाइल फोन भी मिले हैं। एक पेन ड्राइव ६४ जीबी का है। एक लैपटॉप भी बरामद किया गया है। पुलिस को संदेह है कि पकड़े गए आरोपी किसी खतरनाक साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे। इसके अलावा पुलिस यह पता करने में जुटी है कि आरोपियों का पाकिस्तानी आतंकी संगठन से कोई कनेक्शन तो नहीं है।
गिरफ्तार जासूस के पास से मिलीं कई फर्जी डिग्रियां!..किसी बड़ी वारदात का बना रहा था प्लान
जासूसी के आरोप में मुंबई और झारखंड से दो लोगों को पकड़ा गया है। झारखंड से जासूसी के आरोप में पकड़े गए शख्स के पास से कई फर्जी डिग्रिायां मिली हैं। इनमें २७ सितंबर, २००१ को बीजू पटनायक यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (ओडिशा) से एक, और २० अप्रैल, २००० को एक अन्य बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग प्रमाण पत्र शामिल है। उनके पास ‘नासिर एसएल हजारी कॉर्पोरेशन’ का आईडी कार्ड भी मिला है। उसमें उसका पद प्रबंधक का बताया गया है।
इसके साथ ही बिहार इंटरमीडिएट एजुकेशन काउंसिल, पटना की एक मार्क शीट भी मिली है। पुलिस इन सभी दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, एक और जासूस की तलाश है, जो पकड़े गए आरोपियों की हर तरह की मदद कर रहा था।

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